महासंघर्ष के बीच भारत की कूटनीति का कमाल, 40 देशों से मिला कच्चा तेल: प्रधानमंत्री मोदी
राजस्थान के जोधपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक संघर्ष के दौरान भारत ने प्रभावी कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखी। उन्होंने इसे देश की मजबूत विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने वाली रणनीति का परिणाम बताया।
दि राइजिंग न्यूज़ | जोधपुर | 4 जुलाई 2026
राजस्थान के जोधपुर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक संघर्ष, भारत की कूटनीति, ऊर्जा सुरक्षा और विकास योजनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई देश युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे थे, तब भारत ने अपनी विदेश नीति और कूटनीतिक संबंधों के बल पर ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित नहीं होने दिया। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारत ने लगभग 40 देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया। उन्होंने इसे भारत की मजबूत वैश्विक छवि, संतुलित विदेश नीति और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
महासंघर्ष के दौरान भारत ने कैसे संभाली ऊर्जा आपूर्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक संघर्ष के कारण पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहराने लगा था और कई देशों को ईंधन की भारी कमी का सामना करना पड़ा। ऐसे समय में भारत के सामने भी कच्चे तेल की उपलब्धता बनाए रखना बड़ी चुनौती थी। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले से रणनीति तैयार कर विभिन्न देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। इसी वजह से देश में ऊर्जा आपूर्ति बाधित नहीं हुई और उद्योग, परिवहन तथा आम नागरिकों की आवश्यकताएं सामान्य रूप से पूरी होती रहीं। उन्होंने कहा कि सरकार का हर फैसला देश के हित और जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया।
लगभग 40 देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति का किया दावा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने केवल एक या दो देशों पर निर्भर रहने के बजाय लगभग 40 देशों से कच्चे तेल की खरीद सुनिश्चित की। उनका कहना था कि इस रणनीति ने वैश्विक संकट के दौरान भारत को ऊर्जा संकट से बचाए रखा। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते यह निर्णय नहीं लिया जाता तो देश की अर्थव्यवस्था और विकास कार्य प्रभावित हो सकते थे। सरकार ने हर परिस्थिति में आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए।
भारत की कूटनीति को बताया सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत की विदेश नीति पूरी दुनिया में सम्मान के साथ देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के साथ भारत के मजबूत संबंधों का लाभ संकट के समय मिला। सरकार ने हर स्तर पर संवाद बनाए रखा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास किए। प्रधानमंत्री के अनुसार, यही कारण रहा कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत आर्थिक रूप से स्थिर बना रहा और विकास की गति प्रभावित नहीं हुई।
देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दोहराया संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने हर परिस्थिति में देशहित को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबावों और बदलते वैश्विक हालात के बावजूद भारत ने अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लिए। सरकार का उद्देश्य केवल ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं था, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों को बिना किसी रुकावट के जारी रखना भी था। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश हर संकट का सामना अपने सामर्थ्य से करेगा।
राजस्थान के विकास कार्यों का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में राजस्थान में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सड़क, रेल, ऊर्जा, सिंचाई और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। इन परियोजनाओं से प्रदेश के लाखों लोगों को रोजगार और बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजस्थान को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना है।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत को केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि भरोसेमंद साझेदार के रूप में भी देख रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान भारत ने संतुलित और जिम्मेदार भूमिका निभाई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी साख और मजबूत हुई। उनके अनुसार, आने वाले समय में भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना है।
जोधपुर की जनता से किया विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में लोगों से विकास और राष्ट्र निर्माण की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग और सरकार के निरंतर प्रयासों से भारत आने वाले वर्षों में नई उपलब्धियां हासिल करेगा। साथ ही उन्होंने युवाओं से देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का भी आह्वान किया।