चढ़ावे के बाद राम मंदिर से जुड़ा एक और घोटाला!
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद अब वीआईपी दर्शन के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला भी चर्चा में है। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव अपने साथियों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं से पैसे लेकर वीआईपी दर्शन करवाता था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
दि राइजिंग न्यूज़ | अयोध्या | 03 जुलाई 2026
राम मंदिर में चढ़ावे के बाद अब वीआईपी दर्शन को लेकर नया विवाद
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब वीआईपी दर्शन के नाम पर कथित अवैध वसूली का नया मामला सामने आने का दावा किया जा रहा है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस पूरे प्रकरण में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की अहम भूमिका सामने आई है। आरोप है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं से धन लेकर उन्हें शीघ्र दर्शन कराने की व्यवस्था करता था।सूत्रों का कहना है कि विशेष जांच दल की पड़ताल में इस कथित नेटवर्क से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले में मंदिर से जुड़े कुछ अन्य कर्मचारियों और बाहरी लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद शुरू हुआ कथित खेल
सूत्रों के अनुसार राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कथित तौर पर वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध कमाई का एक पूरा तंत्र तैयार किया गया। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए हर महीने लाखों रुपये की वसूली की जाती थी और रकम का आपस में बंटवारा होता था।बताया जा रहा है कि इस पूरे काम के लिए अलग-अलग लोगों की जिम्मेदारियां तय थीं। कोई श्रद्धालुओं को लाने का काम करता था तो कोई उनके लिए वीआईपी पास की व्यवस्था करता था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही हैं।
निःशुल्क वीआईपी पास को बनाया कमाई का जरिया
राम मंदिर में सामान्य श्रद्धालुओं के लिए कतार से दर्शन की व्यवस्था है, जबकि विशिष्ट व्यक्तियों के लिए ट्रस्ट की ओर से निःशुल्क वीआईपी पास जारी किए जाते हैं। आरोप है कि इसी व्यवस्था का दुरुपयोग करते हुए कुछ लोगों ने श्रद्धालुओं से धन लेकर उन्हें वीआईपी दर्शन कराने का दावा किया।सूत्रों के मुताबिक श्रद्धालुओं से यह कहा जाता था कि लंबी कतार से बचने के लिए धन देकर तत्काल दर्शन कराए जाएंगे। इसके बदले प्रति व्यक्ति सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये तक लिए जाते थे। यदि श्रद्धालु आर्थिक रूप से सक्षम दिखाई देता था तो उससे और अधिक धन की मांग भी की जाती थी।
होटल, धर्मशाला और गृह आवास संचालकों तक फैला था नेटवर्क
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस कथित नेटवर्क ने अयोध्या के कई होटल, धर्मशाला और गृह आवास संचालकों से संपर्क बना रखा था। वहां ठहरने वाले श्रद्धालुओं को शीघ्र और विशेष दर्शन का भरोसा देकर उनसे धन लिया जाता था। इसके बाद उनकी जानकारी कथित तौर पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी।आरोप है कि प्रति श्रद्धालु पांच सौ से एक हजार रुपये सामान्य रूप से लिए जाते थे, जबकि कई मामलों में दो हजार रुपये या उससे अधिक की रकम भी वसूली जाती थी। इसके बाद संबंधित लोगों के लिए वीआईपी पास तैयार कराकर उन्हें दर्शन कराया जाता था।
दूसरों की पहचान का इस्तेमाल कर बनाए जाते थे पास
सूत्रों के अनुसार टिन्नू यादव के पास आधिकारिक रूप से वीआईपी पास जारी करने का अधिकार नहीं था। इसके बावजूद आरोप है कि वह कुछ अधिकृत लोगों की पहचान का उपयोग कर पास तैयार कर देता था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि पहचान का दुरुपयोग किस प्रकार किया गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में कई कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों के नाम जांच के दायरे में हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कार्रवाई हो सकती है।
'छोटू' नाम के व्यक्ति की भूमिका भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार मंदिर परिसर के वीआईपी मार्ग के आसपास 'छोटू' नाम का एक व्यक्ति भी चर्चा में रहा है। दावा किया जा रहा है कि वह धन लेकर श्रद्धालुओं के शीघ्र दर्शन कराने की व्यवस्था करता था और कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी भी जांच एजेंसी ने आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है।विशेष जांच दल अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित घोटाले का वास्तविक स्वरूप क्या था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
क्या है पूरा मामला
राम मंदिर में पहले चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आया था, जिसकी जांच अभी जारी है। इसी दौरान अब वीआईपी दर्शन के नाम पर कथित अवैध वसूली के आरोप भी सामने आए हैं। दोनों मामलों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का नाम चर्चा में है। हालांकि सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही मानी जाएगी।