तमिलनाडु में सरकार गठन पर सियासी घमासान, कमल हासन बोले- विजय को मौका न देना जनादेश का अपमान

तमिलनाडु चुनाव 2026 के बाद सरकार गठन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कमल हासन ने इसे जनादेश का अपमान बताया है, जबकि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

तमिलनाडु में सरकार गठन पर सियासी घमासान, कमल हासन बोले- विजय को मौका न देना जनादेश का अपमान

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 7 मई 2026 l


चुनाव नतीजों के बाद तमिलनाडु में नई सरकार को लेकर हलचल

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरे अभिनेता विजय की पार्टी को सरकार गठन का निमंत्रण न मिलने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और कई दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। राज्यपाल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।


कमल हासन का बड़ा बयान, जनादेश का अपमान बताया फैसला

अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना हर संवैधानिक पदाधिकारी की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का अवसर न देना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने इसे “जनादेश का अपमान” बताया और कहा कि जनता के फैसले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका यह बयान राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।


राज्यपाल की भूमिका पर उठे सवाल

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार राज्य की सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई अन्य पार्टी बहुमत का दावा नहीं कर रही है तो प्रक्रिया में देरी उचित नहीं है। इस मुद्दे ने संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


भारतीय जनता पार्टी का पलटवार

भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह स्थिति खंडित जनादेश की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि कोई दल बहुमत साबित करता है तो उसे सरकार बनाने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल संविधान के अनुसार ही निर्णय ले रहे हैं। भाजपा ने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार का दबाव इस प्रक्रिया में शामिल नहीं है।


विजय की पार्टी को समर्थन और दावे

सूत्रों के अनुसार अभिनेता विजय की पार्टी को कुछ अन्य दलों से समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस ने भी सीमित सीटों के बावजूद समर्थन देने की बात कही है। इसी बीच राज्यपाल और विजय के बीच मुलाकात को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकार गठन को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिससे अनिश्चितता बनी हुई है।


केरल में भी सरकार गठन की प्रक्रिया तेज

इसी बीच केरल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी शुरू हो गई है, जहां नई सरकार के नेतृत्व पर चर्चा हो रही है। बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री पद के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इस घटनाक्रम ने दक्षिण भारत की राजनीति को एक साथ सक्रिय कर दिया है।


बंगाल में संभावित मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा

पश्चिम बंगाल में भी चुनाव परिणामों के बाद नई सरकार के गठन की तैयारी चल रही है। संभावित मंत्रियों की सूची को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ वरिष्ठ नेताओं को कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल देखी जा रही है।


सोशल मीडिया पर तेज हुई राजनीतिक बहस

इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ लोग इसे लोकतंत्र का मुद्दा बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ इसे राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हर पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ स्थिति को सही ठहराने में लगा हुआ है, जिससे बहस और तेज हो गई

तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। सभी दल अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हुए हैं। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले कदम और बहुमत के अंतिम स्वरूप पर टिकी है। यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।