पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की मौत, पीओके में अज्ञात हमलावरों ने बरसाईं गोलियां
पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े बताए जा रहे हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आतंकी नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 21 मई 2026
पुलवामा आतंकी हमले से जुड़ा एक बड़ा नाम आखिरकार मौत के घाट उतार दिया गया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में पुलवामा हमले के कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके में सतर्क हो गई हैं।
पुलवामा हमले से जुड़ा था हमजा बुरहान का नाम
हमजा बुरहान का नाम वर्ष 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद चर्चा में आया था। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार वह पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और हमले की साजिश तैयार करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। पुलवामा हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।इस हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की थी। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़े आतंकियों पर नजर बनाए हुए थीं। हमजा बुरहान का नाम भी उन आतंकियों में शामिल था जिन्हें भारत विरोधी गतिविधियों का प्रमुख चेहरा माना जाता था।
मुजफ्फराबाद में रहस्यमय तरीके से हुई हत्या
सूत्रों के अनुसार हमजा बुरहान पर उस समय हमला किया गया जब वह मुजफ्फराबाद इलाके में मौजूद था। अज्ञात हमलावरों ने अचानक उस पर गोलियों की बौछार कर दी और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। हमले के तुरंत बाद इलाके को घेर लिया गया और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हमलावर कौन थे और हत्या के पीछे असली वजह क्या थी। पाकिस्तान की ओर से भी इस घटना को लेकर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। लेकिन स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में कई कट्टरपंथी और आतंकी चेहरों को इसी तरह रहस्यमय हमलों में निशाना बनाया गया है।
पाकिस्तान में आतंकियों पर बढ़ रहे रहस्यमय हमले
बीते कुछ समय से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के कई मामले सामने आए हैं। कभी गैंगवार, कभी अज्ञात हमलावर तो कभी अंदरूनी दुश्मनी के चलते कई बड़े आतंकी मारे जा चुके हैं। इससे आतंकी संगठनों के भीतर भी डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। आतंकी नेटवर्क के भीतर वर्चस्व की लड़ाई और खुफिया गतिविधियां इन घटनाओं की बड़ी वजह हो सकती हैं। पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के कई चेहरे लगातार निशाने पर हैं, जिससे वहां की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी ढांचे पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पुलवामा हमला आज भी देश के जख्म ताजा करता है
14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुआ आतंकी हमला देश के सबसे दर्दनाक हमलों में गिना जाता है। विस्फोटकों से भरी गाड़ी के जरिए किए गए इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 40 जवान शहीद हो गए थे। पूरे देश में उस घटना के बाद जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला था।भारत ने इस हमले के जवाब में पाकिस्तान स्थित बालाकोट में हवाई कार्रवाई कर आतंकी शिविरों को निशाना बनाया था। पुलवामा हमला आज भी देशवासियों के दिलों में गहरे जख्म की तरह मौजूद है और उससे जुड़े हर आतंकी का नाम देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा लक्ष्य माना जाता रहा है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
हमजा बुरहान की हत्या के बाद मुजफ्फराबाद और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने कई जगहों पर नाकाबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया है। हालांकि अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस घटना को लेकर और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में इस हत्या को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं और आतंकी संगठनों के बीच बेचैनी बढ़ती दिखाई दे रही है।