घूमने का प्लान बना रहे हैं, ट्रैवल स्कैम्स से खाली हो सकता है आपका अकाउंट

छुट्टियों के मौसम में ट्रैवल बुकिंग बढ़ते ही साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं। फर्जी वेबसाइट्स, नकली कस्टमर केयर और WhatsApp/SMS लिंक के जरिए लोग सस्ते ऑफर का लालच देकर ठगे जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने और केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही बुकिंग करने की सलाह दी है।

घूमने का प्लान बना रहे हैं,  ट्रैवल स्कैम्स से खाली हो सकता है आपका अकाउंट

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 30 जून 2026

छुट्टियों के मौसम में बढ़ा साइबर ठगी का खतरा

भारत में छुट्टियों का मौसम शुरू होते ही ट्रैवल बुकिंग और घूमने-फिरने की प्लानिंग तेज हो जाती है। इसी भीड़ और जल्दबाजी का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं और लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बना रहे हैं। हाल के दिनों में ट्रैवल सेक्टर से जुड़े स्कैम्स में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।

फर्जी वेबसाइट्स और नकली ऑफर्स का जाल

साइबर अपराधी अब पहले से अधिक चालाक तरीके अपना रहे हैं। वे असली जैसी दिखने वाली फर्जी ट्रैवल वेबसाइट्स और डोमेन बनाकर लोगों को झांसे में लेते हैं। यूजर्स को लगता है कि वे किसी भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर सस्ते होटल या फ्लाइट टिकट बुक कर रहे हैं, लेकिन असल में वे धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।इसके अलावा WhatsApp और SMS के जरिए भी लोगों को टारगेट किया जा रहा है, जिसमें “50% डिस्काउंट” या “लास्ट मिनट डील” जैसे आकर्षक ऑफर भेजे जाते हैं। जल्दबाजी में लोग इन लिंक पर क्लिक कर अपनी निजी जानकारी साझा कर देते हैं।

फर्जी कस्टमर केयर से भी हो रहा फ्रॉड

एक और बड़ा तरीका फेक कस्टमर केयर नंबरों का इस्तेमाल है। कई बार लोग गूगल पर ट्रैवल कंपनियों का नंबर सर्च करते हैं और फर्जी नंबर पर कॉल कर बैठते हैं। इसके बाद ठग खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पेमेंट करवा लेते हैं और बाद में संपर्क तोड़ देते हैं।

डेटा चोरी का बड़ा खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या सिर्फ पैसे की नहीं है। जब यूजर फर्जी वेबसाइट पर अपनी जानकारी दर्ज करते हैं, तो उनका कार्ड डिटेल, मोबाइल नंबर, ईमेल और पहचान से जुड़ा डेटा चोरी हो सकता है। यह डेटा आगे चलकर बड़े साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किया जा सकता है।

हर हफ्ते हजारों साइबर अटैक

रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में हर हफ्ते हजारों साइबर अटैक दर्ज किए जा रहे हैं। ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इस समय सबसे ज्यादा निशाने पर हैं क्योंकि यहां ट्रांजैक्शन अधिक होते हैं और लोग जल्दबाजी में निर्णय लेते हैं।

कैसे बचें ऐसे स्कैम से

विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी से ऐसे फ्रॉड से बचा जा सकता है। किसी भी ऑफर को देखकर तुरंत निर्णय न लें और अत्यधिक सस्ते ऑफर्स पर शक करें। हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक वेबसाइट्स से ही बुकिंग करें।इसके अलावा किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL को ध्यान से जांचें। अगर स्पेलिंग में गड़बड़ी या अजीब नाम दिखे तो उस साइट से दूर रहें। पेमेंट करते समय वेबसाइट की सिक्योरिटी (https) जरूर जांचें और WhatsApp या SMS पर आए अनजान ऑफर्स पर भरोसा न करें।

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जागरूकता ही ऐसे स्कैम्स से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी लोगों को बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।