ट्विशा शर्मा मामला: हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई, सीबीआई जांच पर सुप्रीम कोर्ट का भरोसा
ट्विशा शर्मा मौत मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच पर भरोसा जताया है जबकि किरण बेदी ने आरोपी परिवार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
दि राइजिंग न्यूज | भोपाल/मध्य प्रदेश | 25 मई 2026
जबलपुर
मध्य प्रदेश की चर्चित मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है। आज इस केस को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में अहम सुनवाई होने जा रही है। दोपहर 2:30 बजे कोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की याचिका पर विचार किया जाएगा। यह याचिका पीड़िता के पिता नवनीति शर्मा की ओर से दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में सीबीआई जांच पर भरोसा जताया है और संकेत दिए हैं कि जांच एजेंसी को निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की गहन जांच करनी चाहिए। माना जा रहा है कि सीबीआई की टीम आज ही भोपाल पहुंचकर आधिकारिक रूप से जांच की जिम्मेदारी संभाल सकती है। इसी बीच जिला अदालत में भी मामले से जुड़े अहम तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर सुनवाई प्रस्तावित है। इसमें खास तौर पर घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को संरक्षित करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि जांच में किसी तरह की छेड़छाड़ की संभावना न रहे।
जमानत रद्द करने की मांग पर जोर
पीड़िता पक्ष का आरोप है कि गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत देना जांच को प्रभावित कर सकता है। अधिवक्ता पीयूष तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार ने भी इसी तरह की याचिका दायर की है, जिसके चलते दोनों मामलों को एक साथ जोड़कर सुनवाई की जाएगी। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा है कि उनकी ओर से वरिष्ठ वकील कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखेंगे और जमानत रद्द करने की मांग का विरोध किया जाएगा। उनका कहना है कि कानून के तहत सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और आरोपों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस स्तर पर जांच को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि सीबीआई एक सक्षम जांच एजेंसी है और उसे निष्पक्ष तरीके से काम करने देना चाहिए। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मृतका की सास ने जांच में सहयोग नहीं किया और बयान दर्ज कराने में देरी की गई। हालांकि बचाव पक्ष ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने आवश्यक सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है।
किरण बेदी का बयान चर्चा में
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परिवार के स्तर पर कई गंभीर गलतियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में ही स्थिति को संभाला जा सकता था, लेकिन कुछ फैसलों और बयानों ने मामले को और जटिल बना दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को बेटियों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और समय रहते संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, “तलाकशुदा बेटी, मृत बेटी से बेहतर होती है” जैसे विचार समाज के लिए एक संदेश हैं कि परिवारों को बेटियों की स्थिति पर संवेदनशील होना चाहिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की दिशा
एम्स दिल्ली की टीम द्वारा ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया है, लेकिन इसकी विस्तृत रिपोर्ट आने में अभी समय लग सकता है। जांच एजेंसियां अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की परिस्थितियों और डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ी समझने की कोशिश कर रही हैं।
जांच में सामने आए नए तथ्य
एसआईटी जांच में यह सामने आया है कि ट्विशा शर्मा का शव घटनास्थल से नीचे लाने में तीन लोग शामिल थे। इनमें पति समर्थ सिंह, उसका रिश्तेदार स्वराज सिंह और घर में काम करने वाला एक कर्मचारी बताया जा रहा है। जांच टीम ने तीनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और उनके बयानों का मिलान अन्य साक्ष्यों से किया जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय घर में मौजूद अन्य लोगों की भूमिका क्या थी और क्या किसी तरह से सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश की गई थी।