परीक्षा केंद्रों पर कलावा और मंगलसूत्र को मिली छूट, यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सिपाही भर्ती परीक्षा 2026 में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए कलावा और मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी है। 8 से 10 जून तक होने वाली परीक्षा में 32,679 पदों के लिए 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। नकल रोकने के लिए हाईटेक निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

परीक्षा केंद्रों पर कलावा और मंगलसूत्र को मिली छूट, यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड का बड़ा फैसला

दि राइजिंग न्यूज़। लखनऊ। 02 जून 2026

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सिपाही भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को कलावा, मंगलसूत्र और अन्य धार्मिक प्रतीकों को हटाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। इस फैसले से लाखों अभ्यर्थियों, विशेषकर महिला उम्मीदवारों में राहत का माहौल है।

धार्मिक आस्था का रखा जाएगा सम्मान

पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा जांच के नाम पर कलावा काटने और मंगलसूत्र उतरवाने जैसी घटनाएं चर्चा में रही थीं। इन घटनाओं को लेकर अभ्यर्थियों और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति भी जताई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए भर्ती बोर्ड ने इस बार स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सुरक्षा जांच के दौरान धार्मिक प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता बरती जाएगी और किसी भी अभ्यर्थी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी।

8 जून से शुरू होगी भर्ती परीक्षा

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 8 जून से 10 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी। यह प्रदेश की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक मानी जा रही है। भर्ती प्रक्रिया के तहत 32,679 पदों के लिए 28 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1,183 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन और भर्ती बोर्ड ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की है।

नकल रोकने के लिए हाईटेक निगरानी

भर्ती बोर्ड ने परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया है। अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि स्मार्ट चश्मे, इलेक्ट्रॉनिक पेन, सूक्ष्म संचार उपकरण और अन्य आधुनिक गैजेट्स पर कड़ी नजर रखी जाए। सुरक्षा एजेंसियों को तकनीकी उपकरणों की पहचान और जांच के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि नकल माफियाओं की किसी भी कोशिश को नाकाम किया जा सके।

परीक्षा कर्मियों पर भी रहेगी सख्ती

इस बार केवल अभ्यर्थियों पर ही नहीं बल्कि परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों और शिक्षकों पर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी कर्मचारी या शिक्षक को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। भर्ती बोर्ड का मानना है कि इससे परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

सीसीटीवी निगरानी में होगी पूरी परीक्षा

सभी परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष निगरानी टीमों की तैनाती भी की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस बार परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

लाखों युवाओं की नजर भर्ती परीक्षा पर

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी अब परीक्षा की तैयारी के अंतिम चरण में जुटे हुए हैं। ऐसे में भर्ती बोर्ड का यह फैसला अभ्यर्थियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था को अधिक मानवीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।