38 वर्ष की उम्र में प्रतीक यादव का निधन, उत्तर प्रदेश में शोक की लहर, राजनीतिक जगत स्तब्ध
उत्तर प्रदेश में बड़ा हादसा, अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का 38 वर्ष की उम्र में निधन। लखनऊ सिविल अस्पताल में अंतिम सांस, राजनीतिक जगत में शोक की लहर।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 13 मई 2026
उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक अत्यंत दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति तथा पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े प्रतीक यादव का मात्र 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन लखनऊ के सिविल अस्पताल में हुआ, जिसके बाद पूरे राज्य के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक गहरी क्षति मानी जा रही है।
लखनऊ सिविल अस्पताल में अंतिम सांस, परिवार गहरे सदमे में
सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। जैसे ही यह खबर सामने आई, अपर्णा यादव और पूरा परिवार गहरे शोक में डूब गया। घर और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।
अस्पताल और आवास पर उमड़ी भीड़, नेताओं का पहुंचना जारी
जैसे ही निधन की सूचना फैली, राजनीतिक और सामाजिक जगत के कई प्रमुख लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे। भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना दी। अपर्णा यादव के घर के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक और आम लोग एकत्र हो गए। सभी की आंखों में नमीयां थीं और लोग इस घटना को बेहद दुखद बता रहे थे।
अंतिम संस्कार की तैयारी, पिपरा घाट पर होगा अंतिम विदाई समारोह
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार को पिपरा घाट पर किया जाएगा। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन ने भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।
गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक यादव, डॉक्टरों का बयान
चिकित्सा विभाग के अनुसार, प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक जटिल बीमारी थी, जिसमें फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में थक्का जम जाता है। यह स्थिति अत्यंत खतरनाक मानी जाती है और कई मामलों में जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि उनका इलाज लंबे समय से चल रहा था और उनकी स्थिति लगातार निगरानी में थी।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर, नेताओं ने जताया दुख
प्रतीक यादव के निधन की खबर से पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही दलों के नेताओं ने इसे अत्यंत दुखद और अपूरणीय क्षति बताया है। इस कठिन समय में पूरा परिवार और समर्थक एकजुट नजर आ रहे हैं।