पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ईवीएम में भाजपा बटन पर टेप चिपकाने का आरोप
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान ईवीएम में भाजपा बटन पर टेप चिपकाने के आरोप से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा ने टीएमसी पर धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा मतदान की मांग की है। वहीं टीएमसी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। विवाद डायमंड हार्बर क्षेत्र में सामने आया, जिससे चुनावी तनाव और बढ़ गया है।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान ईवीएम में भाजपा बटन पर टेप चिपकाने के आरोप से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा ने टीएमसी पर धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा मतदान की मांग की है। वहीं टीएमसी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। विवाद डायमंड हार्बर क्षेत्र में सामने आया, जिससे चुनावी तनाव और बढ़ गया है।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 29 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के दौरान गंभीर आरोपों ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। भाजपा ने दावा किया है कि डायमंड हार्बर क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में भाजपा के बटन पर टेप चिपका दिया गया, जिससे मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके। यह क्षेत्र तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है, जिसके चलते मामला और संवेदनशील हो गया है। चुनाव के बीच उठे इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
भाजपा का गंभीर आरोप और दोबारा मतदान की मांग
भाजपा नेताओं का कहना है कि कई बूथों पर ईवीएम में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। उनका आरोप है कि भाजपा को वोट देने का विकल्प बाधित करने के लिए बटन पर टेप चिपकाया गया। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताया है। भाजपा ने चुनाव आयोग से इन सभी बूथों पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है। साथ ही निष्पक्ष जांच की भी अपील की गई है।
तृणमूल कांग्रेस का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि ये आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है। टीएमसी ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी भी एक पक्ष की तरह काम कर रहे हैं। पार्टी ने भाजपा के दावों को पूरी तरह निराधार बताया है।
अभिषेक बनर्जी के क्षेत्र में बढ़ा विवाद
डायमंड हार्बर क्षेत्र, जो अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, वहां यह विवाद और ज्यादा गंभीर हो गया है। भाजपा का दावा है कि इसी क्षेत्र में सबसे अधिक गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। वहीं टीएमसी का कहना है कि यह क्षेत्र हमेशा से उनके समर्थन का केंद्र रहा है। इसी वजह से विपक्ष जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है। इस विवाद ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल
दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। भाजपा ने दावा किया है कि निष्पक्षता पर गंभीर संदेह है। वहीं टीएमसी ने कहा कि कुछ अधिकारी पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रहे हैं। आयोग ने मामले की रिपोर्ट तलब करने की बात कही है। पूरे मामले की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राजनीतिक माहौल हुआ और गरम
ईवीएम विवाद के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे हैं। मतदान केंद्रों के बाहर भी हल्की झड़प और नारेबाजी की खबरें सामने आई हैं। सुरक्षा बलों को कई जगह स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी है। मतदान प्रक्रिया के बीच यह विवाद बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में ईवीएम को लेकर उठा यह विवाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। अब सभी की नजर चुनाव आयोग की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है। यह मामला आने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।