नागरिक सुरक्षा को लेकर अलर्ट: गृह मंत्रालय ने 7 मई को मॉक ड्रिल कराने का दिया आदेश
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली । 05 मई 2025 । भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक अहम फैसला लिया है। मंत्रालय ने सोमवार, 5 अप्रैल 2025 को देश के कई राज्यों को निर्देश जारी करते हुए 7 मई को व्यापक नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करने को कहा है। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन या युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा और तत्परता सुनिश्चित करना है।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली । 05 मई 2025 ।
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनज़र केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक अहम फैसला लिया है। मंत्रालय ने सोमवार, 5 अप्रैल 2025 को देश के कई राज्यों को निर्देश जारी करते हुए 7 मई को व्यापक नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित करने को कहा है। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन या युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा और तत्परता सुनिश्चित करना है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि राज्य सरकारें निम्नलिखित उपायों के साथ मॉक ड्रिल को प्रभावी ढंग से संचालित करें:
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हवाई हमले की चेतावनी के सायरनों का परीक्षण।
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शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में नागरिकों, खासकर छात्रों को आत्मरक्षा और नागरिक सुरक्षा से जुड़े प्रशिक्षण देना।
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क्रैश ब्लैकआउट (सभी लाइटें बंद करने) की व्यवस्था करना।
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महत्वपूर्ण सरकारी और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को छिपाने की तैयारी।
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निकासी योजना (Evacuation Plan) का अपडेट और उसका पूर्वाभ्यास।
1971 की यादें ताज़ा
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रकार का अभ्यास आखिरी बार 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान देखा गया था। अब एक बार फिर ऐसा माहौल बनता दिखाई दे रहा है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव चरम पर है।
नियंत्रण रेखा पर लगातार गोलीबारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से लगातार 11 रातों से नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की जा रही है, जिसका भारत ने भी सख्त जवाब दिया है।
फिरोजपुर में ब्लैकआउट अभ्यास
पंजाब के फिरोजपुर स्थित सैन्य छावनी क्षेत्र में 4 मई की रात 9 बजे से 9:30 बजे तक ब्लैकआउट का अभ्यास किया गया। पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) को इस दौरान बिजली आपूर्ति रोकने को कहा गया था। छावनी बोर्ड ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि यह अभ्यास युद्ध की स्थिति में ब्लैकआउट प्रक्रिया की तैयारी और उसकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए किया गया।