एथेनॉल पेट्रोल पर गडकरी का बड़ा खुलासा!

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर उठ रहे सभी सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इंजन खराब होने या बड़े पैमाने पर नुकसान के दावों का कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि गारंटी अवधि में वाहन को कोई नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। साथ ही उन्होंने एथेनॉल को प्रदूषण कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

एथेनॉल पेट्रोल पर गडकरी का बड़ा खुलासा!

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली |11 जुलाई 2026

देशभर में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कई महत्वपूर्ण सवालों का विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहनों के इंजन खराब होने या बड़े पैमाने पर नुकसान होने के दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल माध्यमों पर प्रसारित भ्रामक जानकारियों पर भरोसा करने के बजाय प्रमाणित तथ्यों और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही अपनी राय बनाएं। उनके अनुसार एथेनॉल अभियान का उद्देश्य केवल वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना, प्रदूषण कम करना और किसानों की आय में वृद्धि करना भी है।


एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर बढ़ी बहस, गडकरी ने रखी सरकार की बात

नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से देशभर में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। सोशल माध्यमों पर कई ऐसे संदेश और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि इस ईंधन के उपयोग से वाहनों का माइलेज कम हो जाता है और इंजन को नुकसान पहुंच सकता है। इन दावों के कारण आम लोगों के मन में भी कई तरह की शंकाएं पैदा हुई हैं।इन्हीं सवालों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने विस्तार से अपनी बात रखते हुए कहा कि एथेनॉल को लेकर कई प्रकार की भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वैज्ञानिक अध्ययन और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर निर्णय लेती है तथा किसी भी नीति का उद्देश्य जनता और देश दोनों के हितों की रक्षा करना होता है।


माइलेज को लेकर क्या कहा केंद्रीय मंत्री ने

नितिन गडकरी ने बताया कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग करने पर शहरों में वाहनों के माइलेज में सामान्य परिस्थितियों में कोई बड़ा अंतर देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि शहरों में यातायात की स्थिति और वाहन चलाने की शैली के कारण माइलेज लगभग सामान्य पेट्रोल के बराबर ही रहता है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि लंबी दूरी और राजमार्गों पर कुछ परिस्थितियों में माइलेज में हल्की कमी महसूस की जा सकती है।उन्होंने इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी बताया। उनके अनुसार एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल की तुलना में कुछ कम होती है, इसलिए कुछ स्थितियों में माइलेज पर सीमित प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन इसे बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी जानकारी को बिना जांचे-परखे सही न मानें।


इंजन खराब होने के दावों पर दिया स्पष्ट जवाब

केंद्रीय मंत्री ने इंजन खराब होने के दावों को लेकर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अब तक मंत्रालय के पास ऐसी कोई आधिकारिक शिकायत नहीं पहुंची है जिससे यह सिद्ध हो कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण बड़े पैमाने पर वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल माध्यमों पर प्रसारित कई वीडियो और संदेश तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।गडकरी ने नागरिकों से आग्रह किया कि यदि किसी वाहन में वास्तव में एथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण कोई तकनीकी समस्या आती है, तो उसकी जानकारी सीधे मंत्रालय को भेजी जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि कोई वास्तविक समस्या सामने आती है तो उसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


गारंटी अवधि में नुकसान होने पर कौन होगा जिम्मेदार

वाहन मालिकों की सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि यदि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहन को नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। इस पर नितिन गडकरी ने स्पष्ट कहा कि यदि गारंटी अवधि के दौरान किसी वाहन को एथेनॉल मिश्रित ईंधन के कारण नुकसान पहुंचता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी वाहन निर्माता कंपनी और अधिकृत विक्रेता की होगी।उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कंपनी को वाहन की मरम्मत करनी होगी और उपभोक्ता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। यदि किसी उपभोक्ता को उचित समाधान नहीं मिलता है, तो वह उपभोक्ता न्यायालय का सहारा भी ले सकता है। सरकार उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता का माध्यम है एथेनॉल

नितिन गडकरी ने कहा कि एथेनॉल केवल एक वैकल्पिक ईंधन नहीं है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से एथेनॉल तैयार किया जाता है, जिससे किसानों की उपज की मांग बढ़ती है और उन्हें बेहतर आय प्राप्त होती है।उन्होंने कहा कि भारत हर वर्ष बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर भारी खर्च होता है। यदि देश में ही कृषि आधारित ईंधन का उत्पादन बढ़ेगा, तो आयात पर निर्भरता कम होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।


प्रदूषण कम करने में एथेनॉल की अहम भूमिका

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य देश को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है। एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग वायु प्रदूषण कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि यदि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण को भी बड़ी मजबूती मिलेगी।उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए देश को ऐसे ईंधनों की आवश्यकता है जो पर्यावरण के अनुकूल हों और आयातित तेल पर निर्भरता कम करें। इसी सोच के साथ सरकार एथेनॉल सहित अन्य वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा दे रही है।


भ्रामक प्रचार पर सख्त चेतावनी

नितिन गडकरी ने अपने परिवार और निजी कंपनियों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों के बारे में गलत आंकड़े और झूठी जानकारियां फैलाने वालों के खिलाफ मानहानि की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को बिना प्रमाण के गलत आरोप लगाने का अधिकार नहीं है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। एथेनॉल अभियान केवल ईंधन परिवर्तन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों की समृद्धि, प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा राष्ट्रीय अभियान है। इसलिए जनता को केवल प्रमाणित जानकारी पर ही विश्वास करना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए।