मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पर ट्रंप के बयान पर Apple का जवाब, जानें क्या कहा
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 16 मई 2025। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Apple को भारत में iPhone निर्माण बंद करने और अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने की सलाह पर भारत सरकार ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत आज मोबाइल निर्माण का एक वैश्विक केंद्र बन चुका है और कंपनियां यहाँ की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमताओं को देखकर फैसले लेती हैं, न कि किसी राजनीतिक दबाव में।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 16 मई 2025।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा Apple को भारत में iPhone निर्माण बंद करने और अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने की सलाह पर भारत सरकार ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत आज मोबाइल निर्माण का एक वैश्विक केंद्र बन चुका है और कंपनियां यहाँ की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमताओं को देखकर फैसले लेती हैं, न कि किसी राजनीतिक दबाव में।
अधिकारी ने ट्रंप के बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने से इनकार किया लेकिन यह ज़रूर जोड़ा कि “मेक इन इंडिया” कार्यक्रम के तहत भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद विनिर्माण साझेदार बन चुका है। उन्होंने कहा, “राजनीति से ज़्यादा, कंपनियों को लागत, दक्षता और लॉजिस्टिक्स की चिंता होती है, और भारत इन सभी मोर्चों पर मजबूत स्थिति में है।”
Apple की योजना भारत में यथावत
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कतर में एक कार्यक्रम में कहा था, "मैं नहीं चाहता कि Apple भारत में iPhone बनाए।" हालांकि, भारत सरकार द्वारा Apple से संपर्क करने के बाद कंपनी ने भरोसा दिलाया कि उनकी भारत में मैन्युफैक्चरिंग और निवेश योजनाएं अपरिवर्तित हैं। Apple ने कहा कि भारत उनकी वैश्विक सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा है।
भारत में Apple का बढ़ता दबदबा
भारत में Apple की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में Apple ने भारत में लगभग 22 अरब डॉलर के iPhones असेंबल किए, जो पिछले वर्ष से 60% अधिक है। इनमें से अधिकांश यूनिट्स अमेरिका को निर्यात की गईं। मार्च 2025 में 3 मिलियन से अधिक iPhones भारत से अमेरिका भेजे गए।
वर्तमान में भारत में Apple के प्रोडक्शन का ज़िम्मा ताइवानी कंपनियों Foxconn और Pegatron के साथ-साथ Tata Electronics संभाल रहे हैं। Tata ने हाल ही में Pegatron की भारतीय इकाई का अधिग्रहण भी किया है। माना जा रहा है कि Apple के भारत इकोसिस्टम में अब तक 2 लाख से अधिक नौकरियां सृजित हुई हैं।