चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, 19 जून को मतदान, 23 को नतीजे
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 25 मई, 2025। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने देश के चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। आयोग ने 19 जून 2024 को मतदान और 23 जून को मतगणना की तिथियां तय की हैं। ये उपचुनाव विभिन्न कारणों जैसे विधायकों के निधन या इस्तीफे के कारण कराए जा रहे हैं।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 25 मई, 2025।
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने देश के चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। आयोग ने 19 जून 2024 को मतदान और 23 जून को मतगणना की तिथियां तय की हैं। ये उपचुनाव विभिन्न कारणों जैसे विधायकों के निधन या इस्तीफे के कारण कराए जा रहे हैं।
उपचुनाव वाली सीटें और कारण
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गुजरात – कडी सीट:
भाजपा विधायक करसनभाई सोलंकी के निधन के बाद यह सीट खाली हुई। -
गुजरात – विसावदर सीट:
विधायक भूपेंद्रभाई भयानी के इस्तीफे के कारण उपचुनाव जरूरी हुआ। -
केरल – नीलांबुर सीट:
पी. वी. अनवर के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हो गई। -
पंजाब – लुधियाना पश्चिम सीट:
गुरप्रीत बस्सी गोगी के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। -
पश्चिम बंगाल – कालीगंज सीट:
विधायक नसीरुद्दीन अहमद की मृत्यु के कारण यह सीट रिक्त हुई।
राजनीतिक रणनीतियाँ और उम्मीदवार
गुजरात में कांग्रेस अकेले मैदान में
गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी राज्य की दोनों सीटों (कडी और विसावदर) पर इंडिया ब्लॉक सहयोगी आम आदमी पार्टी (AAP) से बिना गठबंधन के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा –
"गुजरात में तीसरे मोर्चे का कोई अस्तित्व नहीं है। यहां सिर्फ कांग्रेस या भाजपा ही विकल्प हैं।"
लुधियाना पश्चिम में कांग्रेस-AAP आमने-सामने
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कांग्रेस ने इस सीट से वरिष्ठ नेता भारत भूषण आशु को उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद उनके नाम पर मुहर लगाई है।
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वहीं AAP ने राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया है।
यह मुकाबला दोनों पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।
उपचुनाव कार्यक्रम (Schedule)
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मतदान तिथि: 19 जून 2025
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मतगणना: 23 जून 2025
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आयोग द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और चुनावी तैयारियां जोरों पर हैं।
निष्कर्ष
इन उपचुनावों को आने वाले चुनावों से पहले का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है, जहां सत्तारूढ़ दलों और विपक्षी गठबंधन की ताकत का एक ट्रेलर देखने को मिलेगा। खासकर पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों में ये चुनावी मुकाबले राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।