दिल्ली मुस्तफाबाद हादसा: ढही इमारत में 11 की मौत, चौथी मंज़िल की महिला ने बचाया परिवार, बाद में हुई मौत

दि राइजिंग न्यूज।  दिल्ली, 20 अप्रैल 2025: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में शनिवार तड़के एक चार मंजिला आवासीय इमारत के अचानक ढह जाने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों में एक ही परिवार के सात सदस्य शामिल हैं। हादसा सुबह करीब तीन बजे गली नंबर एक में हुआ, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे।

दिल्ली मुस्तफाबाद हादसा: ढही इमारत में 11 की मौत, चौथी मंज़िल की महिला ने बचाया परिवार, बाद में हुई मौत

दि राइजिंग न्यूज।  दिल्ली, 20 अप्रैल 2025:
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में शनिवार तड़के एक चार मंजिला आवासीय इमारत के अचानक ढह जाने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों में एक ही परिवार के सात सदस्य शामिल हैं। हादसा सुबह करीब तीन बजे गली नंबर एक में हुआ, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे।

प्रत्यक्षदर्शी और बगल में रहने वाले शिव विहार निवासी रयान ने बताया, “ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। हमारे घर का फर्श हिलने लगा और जब बाहर देखा तो पूरी इमारत धूल के गुबार में मलबा बन चुकी थी।”

चमत्कारिक बचाव, फिर दुखद अंत
इमारत की चौथी मंज़िल पर रहने वाली एक महिला को मलबे से जीवित बाहर निकाला गया था। उनके भाई सोनू अब्बास ने बताया कि वह होश में थीं, अपने पति और बच्चों को बाहर निकालने में मदद भी की, लेकिन इसके कुछ देर बाद ही वह बेहोश हो गईं और उनकी मृत्यु हो गई। उनके दोनों बच्चे घायल हैं और पति की हालत गंभीर बताई जा रही है।

एक ही परिवार के सात सदस्य मृत
शहजाद अहमद ने बताया कि उन्होंने अपने दो भांजे, दानिश और नावेद, को इस हादसे में खो दिया। दोनों तीसरी मंजिल पर अपने माता-पिता के साथ रहते थे और घर की आय का मुख्य स्रोत थे। शहजाद की बहन और बहनोई गंभीर रूप से घायल हैं।

बचाव अभियान जारी
दमकल और आपदा प्रबंधन की टीमें अब तक 11 लोगों को मलबे से जीवित निकाल चुकी हैं। राहत कार्य अब भी जारी है और मौके पर जेसीबी मशीनें मलबा हटाने में लगी हैं।

भूतल पर निर्माण बना हादसे की वजह?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इमारत के भूतल पर हो रहे अवैध निर्माण ने इसकी नींव कमजोर कर दी थी। वहां एक नई दुकान बनाए जाने की बात सामने आई है। लोगों ने इलाके की अन्य इमारतों की जर्जर हालत पर भी चिंता जाहिर की है। स्थानीय निवासी सलीम अली ने कहा, “कम से कम चार-पांच इमारतें और हैं जो किसी भी समय गिर सकती हैं।”

प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और प्रभावित परिवारों को सहायता देने के प्रयास किए जा रहे हैं।