यूपी में रचा इतिहास : पेलोड के साथ 1.1 KM की ऊंचाई तक पहुंचा रॉकेट

दि राइजिंग न्यूज। कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)। 15 जून, 2025 ।  उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पहली बार अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। शनिवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), IN-SPACe और एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयास से एक मॉडल रॉकेट को पेलोड के साथ सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस रॉकेट ने 1.11 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरी और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करते हुए सफलतापूर्वक नीचे भी लौट आया।

यूपी में रचा इतिहास : पेलोड के साथ 1.1 KM की ऊंचाई तक पहुंचा रॉकेट
rocket reached a height of 1.1 KM with payload

दि राइजिंग न्यूज। कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)। 15 जून, 2025 । 

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पहली बार अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। शनिवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), IN-SPACe और एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के संयुक्त प्रयास से एक मॉडल रॉकेट को पेलोड के साथ सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस रॉकेट ने 1.11 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरी और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करते हुए सफलतापूर्वक नीचे भी लौट आया।

कैसे हुआ लॉन्च?

शनिवार शाम 5 बजकर 14 मिनट और 33 सेकंड पर यह रॉकेट लॉन्च किया गया। रॉकेट ने 1.11 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ान भरी और इस दौरान पेलोड को सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया। इस पेलोड से एक छोटा उपग्रह बाहर निकला, जो कुछ मीटर नीचे आते ही पैराशूट की सहायता से सुरक्षित तरीके से 400 मीटर दूर जमीन पर उतर गया। 15 किलोग्राम वजनी इस रॉकेट को भी सुरक्षित रिकवर कर लिया गया।

वैज्ञानिकों की निगरानी में पूरा हुआ मिशन

इस ऐतिहासिक लॉन्च के गवाह रहे ISRO के वैज्ञानिक अभिषेक सिंह ने बताया कि यह मॉडल रॉकेट परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा और सभी पैरामीटर्स ने अपेक्षित प्रदर्शन किया। वहीं, IN-SPACe के प्रमोशन डिवीजन के निदेशक विनोद कुमार ने भी इस मिशन की सफलता की पुष्टि करते हुए कहा, “यह उत्तर प्रदेश में रॉकेट के माध्यम से पेलोड प्रक्षेपण का पहला प्रयास था और यह शत-प्रतिशत सफल रहा।”

बच्चों में अंतरिक्ष के प्रति रुचि जगाने का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल वैज्ञानिक परीक्षण करना था, बल्कि स्कूली और कॉलेज छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि को जागृत करना भी था। देशभर के छात्रों और युवाओं को यह संदेश देना था कि अब अंतरिक्ष विज्ञान केवल दक्षिण भारत या विशेष संस्थानों तक सीमित नहीं, बल्कि उत्तर भारत के छात्रों के लिए भी संभावनाओं का नया द्वार खुल चुका है।

मुख्य बातें संक्षेप में:

  • स्थान: कुशीनगर, उत्तर प्रदेश

  • लॉन्च समय: शाम 5:14:33 बजे

  • रॉकेट ऊंचाई: 1.11 किलोमीटर

  • पेलोड: छोटा उपग्रह, पैराशूट के जरिए सुरक्षित लैंडिंग

  • वजन: 15 किलोग्राम

  • संस्थान: ISRO, IN-SPACe, ASI

  • उद्देश्य: बच्चों और युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता