चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर भारत – लेकिन तस्वीर इतनी भी सुंदर नहीं है!

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 27 मई, 2025 । भारत 2025 के अंत तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमानों के अनुसार भारत जल्द ही जापान को पीछे छोड़ देगा। IMF का अनुमान है कि 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था 4.19 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी। इससे यह जापान से आगे निकल जाएगा और अमेरिका, चीन, और जर्मनी के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा।

चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर भारत – लेकिन तस्वीर इतनी भी सुंदर नहीं है!
India on its way to becoming the fourth largest economy – but the picture is not so beautiful!

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 27 मई, 2025 ।

भारत 2025 के अंत तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. अरविंद विरमानी और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमानों के अनुसार भारत जल्द ही जापान को पीछे छोड़ देगा। IMF का अनुमान है कि 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था 4.19 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी। इससे यह जापान से आगे निकल जाएगा और अमेरिका, चीन, और जर्मनी के बाद दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा।

यह उपलब्धि भारत की आर्थिक क्षमता, वैश्विक निवेशकों के बीच उसकी विश्वसनीयता, और विकास की मजबूत गति को दर्शाती है। लेकिन, अगर हम इस सफलता के पीछे झांकें, तो हमें एहसास होता है कि कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत अभी भी जापान से काफी पीछे है।

GDP से आगे की हकीकत – 7 प्रमुख क्षेत्रों में भारत जापान से पीछे

1. प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)

भारत की GDP भले ही जापान को छू रही हो, लेकिन प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत अभी भी बहुत पीछे है। 2023 में भारत की PCI लगभग $2,500 रही, जबकि जापान की PCI $40,000 से अधिक है। इसका सीधा मतलब है कि औसतन एक भारतीय नागरिक के पास जापानी नागरिक की तुलना में बहुत कम आय है।

2. जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy)

भारत में औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 70 वर्ष है, जबकि जापान में यह 84-85 वर्ष है। जापान में स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक खर्च और सामाजिक सुरक्षा की मजबूती इसके पीछे मुख्य कारण हैं।

3. शिक्षा (Education)

भारत में साक्षरता दर लगभग 77.7% है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अभी भी एक बड़ी चुनौती है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। जापान में लगभग 100% साक्षरता है और तकनीकी शिक्षा में वह विश्व में अग्रणी है।

4. रोजगार (Employment)

भारत में बेरोजगारी दर 6.1% है और 90% श्रमिक असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। जापान में संगठित क्षेत्र मजबूत है और बेरोजगारी दर मात्र 2.5% है।

5. मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing)

भारत का मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र GDP में लगभग 13-14% योगदान देता है, जबकि जापान का योगदान 20% से अधिक है। जापान रोबोटिक्स, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स में वैश्विक नेता है।

6. टेक्नोलॉजी और अनुसंधान (Technology & R&D)

भारत GDP का केवल 0.7% R&D पर खर्च करता है, जबकि जापान 3.3% तक खर्च करता है। भारत IT सर्विसेस में मजबूत है, लेकिन हाई-एंड टेक्नोलॉजी में अभी जापान से काफी पीछे है।

7. सामाजिक सुरक्षा (Social Security)

भारत में केवल 49% आबादी को सामाजिक सुरक्षा कवर मिलता है। वहीं जापान की सोशल सिक्योरिटी प्रणाली लगभग सार्वभौमिक है और नागरिकों को व्यापक कवरेज मिलती है।


निष्कर्ष: चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था – लेकिन...

भारत का चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनना गर्व की बात है। लेकिन इस आर्थिक ताकत को ‘जनता की ताकत’ में बदलने के लिए भारत को सामाजिक विकास के पैमानों पर भी आगे बढ़ना होगा।

  • शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश बढ़ाना होगा

  • रोजगार की गुणवत्ता बेहतर करनी होगी

  • R&D, टेक्नोलॉजी, और मैन्युफैक्चरिंग में गहराई से काम करना होगा

  • सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास को प्राथमिकता देनी होगी

केवल GDP से ताकत नहीं बनती, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर से बनती है – और इस दिशा में भारत को अभी लंबा सफर तय करना है।