इंटरस्टेट कन्वर्ज़न रैकेट का भंडाफोड़ : दलित नाबालिग को आतंकी बनाने की साजिश, ताज मोहम्मद की तलाश जारी
दि राइजिंग न्यूज। प्रयागराज। 01 जुलाई 2025 । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जहां एक 15 वर्षीय दलित लड़की को बहला-फुसलाकर केरल ले जाया गया और वहां धर्मांतरण कराकर जिहादी गतिविधियों में शामिल करने का दबाव बनाया गया। पुलिस ने दरकशा बानो और मोहम्मद कैफ नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी ताज मोहम्मद अब भी फरार है।
दि राइजिंग न्यूज। प्रयागराज। 01 जुलाई 2025 ।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जहां एक 15 वर्षीय दलित लड़की को बहला-फुसलाकर केरल ले जाया गया और वहां धर्मांतरण कराकर जिहादी गतिविधियों में शामिल करने का दबाव बनाया गया। पुलिस ने दरकशा बानो और मोहम्मद कैफ नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी ताज मोहम्मद अब भी फरार है।

पूरा मामला:
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घटना प्रयागराज के फूलपुर इलाके की है।
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8 मई को गांव की दरकशा बानो नामक महिला ने लड़की को पैसों का लालच देकर अपने साथ लिया।
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दरकशा और मोहम्मद कैफ ने उसे प्रयागराज जंक्शन, फिर दिल्ली, और अंत में केरल के त्रिशूर पहुंचाया।
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रास्ते में छेड़छाड़ हुई, फिर त्रिशूर में संदिग्ध लोगों से मिलवाया गया।
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लड़की को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया और फिर जिहादी ट्रेनिंग के लिए दबाव बनाया गया।
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डर के चलते लड़की त्रिशूर रेलवे स्टेशन से भाग निकली और मां को फोन करके जानकारी दी।
पुलिस कार्रवाई:
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सूचना मिलने पर केरल पुलिस ने लड़की को बाल कल्याण समिति के हवाले किया।
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प्रयागराज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर, पीड़िता को वापस लाकर वन स्टॉप सेंटर में दाखिल किया।
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दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि ताज मोहम्मद फरार है।
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ताज, दरकशा का करीबी है और फूलपुर का ही रहने वाला है, पर कई सालों से केरल में रह रहा है।
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उसके मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड से सुराग मिल रहे हैं।
रैकेट का नेटवर्क:
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यह एक संगठित रेडिकल गिरोह है जो यूपी, केरल और अन्य राज्यों में सक्रिय है।
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यह गिरोह गरीब और दलित लड़कियों को टारगेट करता है, फिर उन्हें शादी, पैसे या अन्य लालच देकर धर्मांतरण और आतंकी नेटवर्क में झोंक देता है।
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डीसीपी गंगानगर जोन कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक, यह अंतरराज्यीय साजिश है और इसकी गहन जांच चल रही है।
आगे की जांच:
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पुलिस ने 3 टीमें गठित की हैं।
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मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच, सर्विलांस, और अन्य जगहों पर दबिश दी जा रही है।
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पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान होने बाकी हैं।