‘गद्दार कह लें, पर सच सुनना पड़ेगा’ – पाकिस्तानी पत्रकार
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 14 मई 2025 । पाकिस्तान सरकार द्वारा “ऑपरेशन बुनियान उल मरसूस” की कथित जीत का जश्न मनाने के बीच वहां के साहसी पत्रकारों ने सच्चाई का आईना दिखाना शुरू कर दिया है। अहमद नूरानी, असद तूर और कमर चीमा जैसे पत्रकारों ने सरकार से सीधे-सीधे पूछा है कि भारत की मिसाइलें पाकिस्तान के चार शहरों तक कैसे पहुंचीं? भारत के हमलों से रावलपिंडी, अटक, मुल्तान और सुक्कुर जैसे शहरों में ड्रोन हमलों और मिसाइल स्ट्राइक्स के कारण दर्जनों लोगों की मौत की रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं।
दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 14 मई 2025 ।
पाकिस्तान सरकार द्वारा “ऑपरेशन बुनियान उल मरसूस” की कथित जीत का जश्न मनाने के बीच वहां के साहसी पत्रकारों ने सच्चाई का आईना दिखाना शुरू कर दिया है। अहमद नूरानी, असद तूर और कमर चीमा जैसे पत्रकारों ने सरकार से सीधे-सीधे पूछा है कि भारत की मिसाइलें पाकिस्तान के चार शहरों तक कैसे पहुंचीं? भारत के हमलों से रावलपिंडी, अटक, मुल्तान और सुक्कुर जैसे शहरों में ड्रोन हमलों और मिसाइल स्ट्राइक्स के कारण दर्जनों लोगों की मौत की रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं।
“आपके एयरबेस पर हमला हुआ, और आप पटाखे फोड़ रहे हैं?”
अहमद नूरानी, जिनके कई वीडियो पाकिस्तान में बैन किए जा चुके हैं, ने साफ तौर पर कहा:
“भारत ने मेनलैंड पाकिस्तान में चार शहरों में टारगेट हिट किए। दर्जनों लोग मारे गए। और हम सिर्फ यह कहकर खुश हैं कि उनका एक फाइटर गिरा दिया? पाकिस्तानियों को बेवकूफ बनाया जा रहा है।”
नूरानी ने दावा किया कि 7 से 10 मई के बीच पाकिस्तान के आंतरिक इलाकों में 300 से ज़्यादा भारतीय ड्रोन दाखिल हुए, जिनमें से अधिकतर ने लाहौर, रावलपिंडी, अटक और हैदराबाद (सिंध) जैसे संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया।
“भारत का एक्शन हमें भारी पड़ता है” – असद तूर
पाकिस्तान के स्वतंत्र पत्रकार असद तूर ने कहा:
“भारत जब पारंपरिक युद्ध करेगा तो पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम जो हासिल करते हैं, उससे कहीं ज़्यादा नुकसान होता है।”
तूर का यह बयान 11 मई को मनाए गए ‘शुक्रिया दिवस’ पर सरकार द्वारा फैलाए गए भ्रम को काटता नजर आया। सरकार ने दावा किया था कि पाकिस्तान ने 4 दिन की जंग में जीत हासिल की, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है।
कमर चीमा बोले: “मोदी 200% सफल”
रक्षा विशेषज्ञ और टीवी डिबेट्स में भारत-पाक मुद्दों पर चर्चित चेहरा कमर चीमा ने साफ कहा:
“मोदी साहब कामयाब हैं। 200 फीसदी। उन्होंने पाकिस्तान के अंदर घुसकर अटैक किया और हम अभी तक कन्फ्यूज हैं कि हमें करना क्या है।”
सरकार की सेंसरशिप के बावजूद आवाज़ें उठ रही हैं
पाकिस्तान में मीडिया पर सेना की सख्त सेंसरशिप लागू है, लेकिन इसके बावजूद ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई पत्रकार खुलकर बोल रहे हैं। अहमद नूरानी का कहना है:
“आप मुझे गद्दार कह सकते हैं, लेकिन फैक्ट्स बदल नहीं सकते। पूरे पाकिस्तान में भारतीय ड्रोन आए, लोगों को मारा, और हम इस पर चर्चा तक नहीं कर पा रहे।”
आंकड़ों में ऑपरेशन सिंदूर के असर:
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300+ भारतीय ड्रोन ने पाकिस्तान की सीमा लांघी
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4 प्रमुख शहरों में ड्रोन स्ट्राइक और मिसाइल हमले
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60+ सैनिकों व नागरिकों की संभावित मौत (गुप्त रिपोर्टों के अनुसार)
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10+ एयर डिफेंस लोकेशन विफल रही भारतीय हमलों को रोकने में
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25% टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रभावित
- 100 से अधिक आतंकवादियों की मौत हुई, इसमें बड़े नाम भी शामिल