भारत में आई पहली टेस्ला कार, जानें आप कब और कितने में खरीद सकेंगे
दि राइजिंग न्यूज। 28 अप्रैल 2026 । सूरत के एक प्रमुख व्यवसायी ने हाल ही में भारत में टेस्ला की पहली कार खरीदी है, जिससे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति उत्साह और बढ़ गया है। हालांकि, उनके नाम की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह जानकारी सामने आई है कि उन्होंने टेस्ला मॉडल Y को जर्मनी से आयात किया है। यह मॉडल टेस्ला के बर्लिन स्थित गिगाफैक्ट्री से आया है और इसकी शिपमेंट वैल्यू लगभग $46,000 (लगभग ₹38 लाख) बताई गई है।
दि राइजिंग न्यूज। 28 अप्रैल 2026 ।
सूरत के एक प्रमुख व्यवसायी लवजी दलिया ने हाल ही में भारत में टेस्ला साइबरट्रक की पहली कार खरीदी है। लवजी रियलस्टेट व्यवसायी है। देश में पहली टेस्ला साइबरट्रक कार आने से इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति उत्साह और बढ़ गया है। लवजी दलिया के बेटे पियूष के मुताबिक उन्होंने यह कार अमेरिका के टेक्सास में बुक कराई थी जो दुबई होते हुए समुंदर के रास्ते भारत आई है। जानकारी सामने आई है कि उन्होंने टेस्ला मॉडल Y को आयात किया है, जिसकी कीमत तीन करोड़ रुपये है। इसकी शिपमेंट वैल्यू लगभग $46,000 (लगभग ₹38 लाख) बताई गई है।
भारत में टेस्ला कार खरीदने की प्रक्रिया और लागत
भारत में टेस्ला कार खरीदना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें उच्च आयात शुल्क और अन्य कर शामिल हैं।
आयात शुल्क और कर
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आयात शुल्क: भारत में आयातित कारों पर 100% तक का शुल्क लगता है, जिससे कार की कीमत दोगुनी हो जाती है।
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अन्य कर: इसके अलावा, जीएसटी, रोड टैक्स और बीमा जैसे अन्य खर्च भी शामिल होते हैं।
अनुमानित कुल लागत
यदि कोई व्यक्ति टेस्ला मॉडल 3 (जिसकी अमेरिकी कीमत लगभग $35,000 या ₹30 लाख है) को भारत में आयात करता है, तो सभी करों और शुल्कों को मिलाकर इसकी कुल लागत ₹60-66 लाख तक हो सकती है।
टेस्ला का भारत में भविष्य
टेस्ला भारत में अपने वाहनों की बिक्री शुरू करने की योजना बना रही है। हाल ही में, कंपनी ने भारत में शोरूम स्पेस फाइनल किया है और विभिन्न पदों के लिए नौकरियों की घोषणा की है।
इसके अलावा, भारत सरकार ने नई ईवी नीति के तहत आयात शुल्क को 15% तक कम करने की घोषणा की है, बशर्ते कंपनियां भारत में कम से कम $500 मिलियन का निवेश करें।
सूरत के व्यवसायी द्वारा टेस्ला की पहली कार खरीदने से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति रुचि बढ़ी है। हालांकि, उच्च आयात शुल्क के कारण यह अभी भी एक महंगा विकल्प है। यदि टेस्ला भारत में स्थानीय उत्पादन शुरू करती है, तो भविष्य में इन कारों की कीमतें कम हो सकती हैं, जिससे वे अधिक लोगों के लिए सुलभ होंगी।