अहमदाबाद विमान हादसा: 260 मौतें, अनगिनत सवाल; एक साल बाद फिर उठे हादसे पर सवाल
अहमदाबाद विमान हादसे को एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन 260 पीड़ित परिवारों का दर्द आज भी कम नहीं हुआ है। हादसे के कारणों पर अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार जारी है, जबकि परिवार सच्चाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।
दि राइजिंग न्यूज़ | अहमदाबाद | 12 जून 2026
देश के सबसे दर्दनाक विमान हादसों में गिने जाने वाले अहमदाबाद विमान दुर्घटना को आज एक वर्ष पूरा हो गया है। 12 जून 2025 को हुआ यह भीषण हादसा केवल एक विमान दुर्घटना नहीं था, बल्कि 260 परिवारों की दुनिया उजाड़ देने वाली त्रासदी बन गया। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों की आंखों से आंसू नहीं सूखे हैं और उनके मन में सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है कि आखिर यह हादसा हुआ कैसे? जांच अभी तक अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंची है, जबकि पीड़ित परिवार सच्चाई और न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद हुआ था भीषण हादसा
12 जून 2025 की दोपहर अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुआ विमान उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान शहर के एक छात्रावास परिसर पर गिरा, जिससे विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ-साथ जमीन पर मौजूद कई लोगों की भी मौत हो गई। इस दुर्घटना में कुल 260 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। हादसे की भयावहता इतनी अधिक थी कि बड़ी संख्या में शवों की पहचान तक करना बेहद कठिन हो गया था।
आकाश की मां आज भी नहीं भूल पाईं वह मनहूस दिन
हादसे में जान गंवाने वाले आकाश पटनी की मां आज भी उस भयावह दृश्य को याद कर कांप उठती हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा उनके लिए भोजन लेकर आया था और पास ही आराम कर रहा था। तभी अचानक आसमान से गिरते विमान का एक हिस्सा सीधे उसके ऊपर आ गिरा। मां के अनुसार उनका बेटा पढ़-लिखकर परिवार की स्थिति बदलना चाहता था, लेकिन उसके सपने उसी दिन खत्म हो गए। बेटे को बचाने की कोशिश में स्वयं मां भी गंभीर रूप से झुलस गई थीं और आज भी शारीरिक पीड़ा झेल रही हैं।
पायलट के परिवार ने बेटे को बताया निर्दोष
विमान के मुख्य चालक सुमित सभरवाल के परिवार ने जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके पिता का कहना है कि किसी भी विमान दुर्घटना के बाद सबसे पहले पायलट को दोषी ठहराने की कोशिश की जाती है। उनका दावा है कि उनके बेटे को बिना किसी ठोस निष्कर्ष के संदेह के घेरे में लाया गया। परिवार का मानना है कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। इसी कारण उन्होंने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई है।
एकमात्र जीवित बचे यात्री का दर्द भी कम नहीं हुआ
इस भीषण दुर्घटना में केवल एक यात्री जीवित बच पाया था। हालांकि मौत को मात देने के बाद भी उसका संघर्ष समाप्त नहीं हुआ। उसने इस हादसे में अपने भाई को खो दिया और स्वयं गंभीर मानसिक तथा शारीरिक आघात झेला। एक वर्ष बाद भी वह उस दिन की भयावह यादों से बाहर नहीं निकल पाया है। उसका कहना है कि परिवारों को केवल मुआवजा नहीं बल्कि हादसे की पूरी सच्चाई जानने का अधिकार है।
कई परिवार आज भी अपने प्रियजनों की अंतिम पहचान के लिए संघर्ष कर रहे हैं
दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कई शव पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। कुछ परिवारों को अपने परिजनों के अवशेषों की सही पहचान करने में महीनों लग गए। कई मामलों में अलग-अलग लोगों के अवशेष एक साथ मिलने की जानकारी भी सामने आई। पीड़ित परिवारों का कहना है कि एक वर्ष बाद भी वे मानसिक रूप से उस दर्द से उबर नहीं पाए हैं और कई सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
एक वीडियो ने पूरी दुनिया को दिखाया था हादसे का भयावह दृश्य
हादसे के समय एक किशोर ने अपने मोबाइल में विमान के अंतिम क्षणों का दृश्य रिकॉर्ड कर लिया था। यह वीडियो बाद में पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना। लेकिन उस किशोर और उसके परिवार के लिए यह घटना आज भी एक गहरे मानसिक आघात की तरह है। परिवार का कहना है कि हादसे के बाद बच्चे के व्यवहार में बड़ा बदलाव आया और वह लंबे समय तक सामान्य जीवन नहीं जी सका।
पीड़ित परिवारों ने मिलकर उठाई न्याय की मांग
हादसे की पहली बरसी पर कई परिवार एकत्र हुए और अपने प्रियजनों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। परिवारों का कहना है कि आर्थिक सहायता उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती। उन्हें यह जानने का अधिकार है कि आखिर वह कौन सी चूक थी जिसने सैकड़ों लोगों की जान ले ली।
एक वर्ष बाद भी अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार
दुर्घटना के कुछ समय बाद प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें इंजन तक ईंधन की आपूर्ति रुकने की बात सामने आई थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ऐसा क्यों हुआ। विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जांच अभी भी जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यही कारण है कि हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अब तक सामने नहीं आ सके हैं।
मुआवजा मिला, लेकिन दर्द नहीं हुआ कम
विमान सेवा कंपनी और संबंधित संस्थाओं की ओर से अधिकांश परिवारों को अंतरिम आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके बावजूद पीड़ित परिवारों का कहना है कि धनराशि उनके अपनों की कमी को कभी पूरा नहीं कर सकती। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात सच्चाई का सामने आना और जिम्मेदार लोगों की पहचान होना है। परिवारों का संघर्ष अब केवल मुआवजे का नहीं बल्कि न्याय और जवाबदेही का बन चुका है।