अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता फेल पाकिस्तान बैठक में 80% तक बनी थी डील, आखिरी वक्त पर बिगड़ा मामला

पाकिस्तान में हुई अमेरिका और ईरान के बीच हाई-लेवल बैठक में परमाणु समझौते पर करीब 80% सहमति बन गई थी, लेकिन यूरेनियम संवर्धन और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मतभेद के कारण डील अंतिम चरण में टूट गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देश फिर से बातचीत की संभावना तलाश रहे हैं।

अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता फेल पाकिस्तान बैठक में 80% तक बनी थी डील, आखिरी वक्त पर बिगड़ा मामला

दि राइजिंग न्यूज डेस्क। 14 अप्रैल,  2026 । 

इस्लामाबाद में हुई अहम बातचीत में परमाणु डील लगभग फाइनल स्टेज तक पहुंची, लेकिन आखिरी वक्त पर अटकी डील

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर लंबे समय से चल रही बैकचैनल बातचीत एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल बातचीत में दोनों देशों के बीच करीब 80% तक सहमति बन चुकी थी, लेकिन कुछ अहम मुद्दों पर मतभेद के कारण अंतिम समझौता नहीं हो सका।

  • न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट्स के अनुसार, बातचीत के दौरान अमेरिका ने ईरान के सामने यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) पर 20 साल की रोक का प्रस्ताव रखा, जबकि ईरान केवल 5 साल की रोक पर सहमत होने को तैयार था।

  • अमेरिका का 20 साल बनाम ईरान का 5 साल प्रस्ताव बना टकराव की वजह
  • रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का मानना था कि लंबी अवधि की रोक के बिना ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने की आशंका बनी रह सकती है। वहीं ईरान ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए केवल सीमित अवधि की रोक पर सहमति जताई।
  • इसी बीच, एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह भी बताया गया कि ट्रंप प्रशासन ने पहले की तुलना में अपनी मांगों में बदलाव किया है, जिसमें पहले ईरान से स्थायी रूप से यूरेनियम संवर्धन बंद करने की बात कही जाती थी।

  • 12.5 साल के संभावित समझौते की भी चर्चा
  • अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ इयान ब्रेमर के अनुसार, दोनों देश बीच का रास्ता निकालते हुए करीब 12.5 साल की अस्थायी रोक पर सहमति बना सकते हैं।
  • बताया जा रहा है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह पहली बार था जब दोनों देशों के बीच इतनी उच्च स्तरीय आमने-सामने बातचीत हुई।

  • होर्मुज स्ट्रेट पर भी अटका मामला
  • बातचीत में सिर्फ परमाणु मुद्दा ही नहीं, बल्कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए था, जबकि अमेरिका इसे खोलने की दिशा में सहमति चाहता था।

  • बातचीत के दौरान माहौल हुआ तनावपूर्ण
  • सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान सुरक्षा कारणों से फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। ब्रेक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने-अपने देशों से संदेश साझा किए।
  • इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का रुख अचानक सख्त हो गया। उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से सवाल किया कि जब पिछली बैठकों में बातचीत जारी रखने की बात के बावजूद हमले न करने का भरोसा दिया गया था, तो उस पर कैसे विश्वास किया जाए।

  • पाकिस्तान में मध्यस्थता के बावजूद नहीं बनी सहमति
  • पाकिस्तानी अधिकारियों की मध्यस्थता के बावजूद दोनों पक्ष किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके। सूत्रों के अनुसार, तनाव बढ़ने पर बैठक में टी ब्रेक भी लिया गया, लेकिन इसके बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
  • एक सूत्र के मुताबिक, बातचीत उस स्तर तक पहुंच चुकी थी जहां लगभग 80% समझौता तय माना जा रहा था, लेकिन अंतिम चरण में कुछ प्रस्तावों ने पूरी प्रक्रिया को रोक दिया।

  • आगे फिर हो सकती है नई बैठक
  • रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देश आगे एक और राउंड की आमने-सामने बातचीत पर विचार कर रहे हैं, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है।

निष्कर्ष

  • पाकिस्तान में हुई यह हाई-लेवल बातचीत भले ही किसी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन यह संकेत जरूर देती है कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।