दिल्ली में मानसून की धमाकेदार दस्तक, पांच दिन की देरी के बाद बदला मौसम का मिजाज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पांच दिन की देरी के बाद मानसून ने दस्तक दे दी है। तुगलकाबाद, छतरपुर, सफदरजंग, लोधी रोड, महरौली, मयूर विहार और जनकपुरी सहित कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

दिल्ली में मानसून की धमाकेदार दस्तक, पांच दिन की देरी के बाद बदला मौसम का मिजाज

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 2 जुलाई 2026

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश ने उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है। राजधानी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम पूरी तरह बदल गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिन चढ़ते-चढ़ते कई हिस्सों में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत की सांस ली।इस वर्ष दिल्ली में मानसून सामान्य समय से पांच दिन की देरी से पहुंचा है। आमतौर पर राजधानी में मानसून 27 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार दो जुलाई को इसकी औपचारिक दस्तक हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगमन में कुछ दिनों की देरी असामान्य नहीं मानी जाती और पिछले वर्षों के आंकड़े भी यही बताते हैं कि मानसून की तिथि हर साल बदलती रही है।


पांच दिन की देरी के बाद राजधानी में पहुंचा मानसून

दिल्ली में इस बार मानसून का इंतजार सामान्य से अधिक लंबा रहा। मौसम विभाग के अनुसार दो जुलाई को मानसून ने राजधानी में प्रवेश किया और इसके साथ ही कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। बीते कुछ दिनों से लोग तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं से परेशान थे, लेकिन मानसून की पहली बारिश ने पूरे वातावरण को ठंडा कर दिया।पिछले वर्षों के रिकॉर्ड बताते हैं कि मानसून के आगमन की कोई निश्चित तिथि नहीं होती। वर्ष 2008 में मानसून सबसे पहले पंद्रह जून को दिल्ली पहुंचा था, जबकि वर्ष 2002 में सबसे अधिक देरी हुई थी और मानसून उन्नीस जुलाई को आया था। ऐसे में इस बार की पांच दिन की देरी को सामान्य माना जा रहा है।


इन इलाकों में हुई सबसे अधिक बारिश

मानसून की पहली बारिश के दौरान राजधानी के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक बीस मिलीमीटर बारिश तुगलकाबाद क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई, जबकि छतरपुर में साढ़े अठारह मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा सफदरजंग, लोधी रोड, महरौली, मयूर विहार और जनकपुरी सहित कई इलाकों में भी बारिश हुई।हालांकि राजधानी के कुछ हिस्सों में बारिश कम रही या बिल्कुल नहीं हुई। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की शुरुआती सक्रियता के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में वर्षा की मात्रा में अंतर देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में राजधानी के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।


उमस और गर्मी से मिली बड़ी राहत

पिछले कई दिनों से दिल्ली के लोग तेज गर्मी और अत्यधिक उमस से परेशान थे। दिन के समय तापमान अधिक होने के साथ-साथ हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। मानसून की पहली बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।बारिश के बाद सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने मौसम का आनंद लिया। ठंडी हवाओं के चलने से वातावरण में ताजगी महसूस की गई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह वर्षा होती रही तो राजधानी में गर्मी का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा।


आने वाले दिनों में और तेज होगी बारिश

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। बादलों की सक्रियता लगातार बनी रहने की संभावना है, जिससे कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तापमान में और गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है।मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


मानसून से किसानों और पर्यावरण को भी मिलेगा लाभ

राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता केवल लोगों को गर्मी से राहत ही नहीं देगी, बल्कि पर्यावरण और कृषि के लिए भी लाभकारी मानी जा रही है। अच्छी वर्षा से भूजल स्तर में सुधार होने की संभावना है और हरियाली बढ़ने में भी मदद मिलेगी।इसके अलावा आसपास के कृषि क्षेत्रों में खेती से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पूरे मौसम के दौरान सामान्य वर्षा होती है तो इसका सकारात्मक प्रभाव खेती, जल संसाधनों और पर्यावरण पर भी दिखाई देगा।