ईरान ने जारी कीं सैटेलाइट तस्वीरें : बहरीन और कुवैत में अमेरिकी रडार तबाह होने का दावा

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते से पहले ईरान ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर दावा किया है कि उसकी मिसाइलों ने बहरीन और कुवैत में तैनात अमेरिकी रडार प्रणालियों को नष्ट कर दिया है। इन दावों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

ईरान ने जारी कीं सैटेलाइट तस्वीरें : बहरीन और कुवैत में अमेरिकी रडार तबाह होने का दावा

दि राइजिंग न्यूज़ | तेहरान | 15 जून 2026

सैटेलाइट तस्वीरों से मचा भूचाल

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते से पहले पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के सरकारी प्रसारण संस्थान ने कुछ सैटेलाइट तस्वीरें जारी कर दावा किया है कि ईरानी मिसाइल हमलों में बहरीन और कुवैत में तैनात अमेरिकी रडार प्रणालियां पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और दोनों देशों के संबंधों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

बहरीन में रडार नष्ट होने का दावा

ईरानी प्रसारण संस्थान के अनुसार बहरीन के माउंट अल दुखान क्षेत्र में तैनात अमेरिकी प्रारंभिक चेतावनी रडार प्रणाली को ईरानी मिसाइलों ने निशाना बनाया। जारी तस्वीरों में संबंधित सैन्य ढांचे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त दिखाया गया है। ईरान का दावा है कि यह हमला कुछ दिन पहले किया गया था और इसमें अमेरिकी सैन्य निगरानी क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

कुवैत में भी हमले का दावा

ईरान ने यह भी कहा है कि कुवैत के अली अल सालेम क्षेत्र में स्थित एक अन्य अमेरिकी रडार प्रणाली को भी उसके सटीक हमलों में नष्ट कर दिया गया। ईरानी पक्ष के अनुसार दोनों ठिकानों पर हुए हमलों ने अमेरिकी रक्षा नेटवर्क को प्रभावित किया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

अमेरिकी दावों पर ईरान का पलटवार

ईरान ने तस्वीरें जारी करते हुए अमेरिका के उन बयानों पर भी सवाल उठाए हैं जिनमें कहा गया था कि ईरान के सभी हमलों को निष्क्रिय कर दिया गया था। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ताजा तस्वीरें वास्तविक स्थिति को सामने लाती हैं और अमेरिकी दावों की पोल खोलती हैं। ईरान का दावा है कि जिन सैन्य प्रतिष्ठानों को सुरक्षित बताया जा रहा था वे अब मलबे में बदल चुके हैं।

शांति समझौते से पहले बढ़ी हलचल

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित समझौते को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले दावा कर चुके हैं कि दोनों देशों के बीच समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने यह भी कहा था कि समझौते के बाद क्षेत्र में स्थिरता बढ़ेगी और समुद्री व्यापार मार्गों पर सामान्य गतिविधियां बहाल होंगी।

ईरान ने रखी अपनी शर्तें

ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि समझौता दो चरणों में आगे बढ़ेगा। उनके अनुसार अंतिम दस्तावेज पर हस्ताक्षर तभी होंगे जब शुरुआती शर्तों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। ईरान ने संकेत दिया है कि यदि उसकी प्रमुख शर्तों को स्वीकार नहीं किया गया तो समझौता आगे नहीं बढ़ेगा।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान के दावे सही साबित होते हैं तो यह पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। वहीं यदि दोनों देश समझौते की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो यह क्षेत्र में तनाव कम करने का अवसर भी बन सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।