पहले नाम पूछा, फिर मार दी गोली! कुलगाम हमले से दहला देश
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद सुरक्षाबलों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दि राइजिंग न्यूज़ | श्रीनगर | 01 अगस्त 2026
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने एक बार फिर गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश की है। केल्लाम क्षेत्र में ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की कथित रूप से पहचान पूछने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आतंकियों की तलाश में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
कुलगाम में आतंकियों का कायराना हमला
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लाम क्षेत्र में शुक्रवार शाम आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे दो गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने पहले मजदूरों की पहचान सुनिश्चित की और इसके बाद उन पर गोलियां चला दीं। इस हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। घायल मजदूरों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना ने एक बार फिर घाटी में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे दोनों मजदूर
हमले में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान चौबीस वर्षीय दीपक रात्रे और अट्ठाईस वर्षीय भोपिंदर के रूप में हुई है। दोनों छत्तीसगढ़ के निवासी थे और रोजगार के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे थे। बताया गया है कि दीपक रात्रे की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई थी।वहीं गंभीर रूप से घायल भोपिंदर को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर उपचार के लिए बड़े चिकित्सा संस्थान भेजा गया। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दोनों मजदूरों की मृत्यु की खबर से उनके परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
आतंकी संगठन पर संदेह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हमले के पीछे प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े तत्वों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हमले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों की संख्या कितनी थी।जांच एजेंसियों का मानना है कि गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाकर आतंकवादी संगठन घाटी में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करना चाहते हैं। हालांकि आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षाबलों ने शुरू किया व्यापक अभियान
हमले के तुरंत बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। संदिग्ध ठिकानों की तलाशी ली जा रही है और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियां खुफिया सूचनाओं के आधार पर आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं।अधिकारियों का कहना है कि हमले में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। क्षेत्र में आने-जाने वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
लगातार बढ़ रही हैं चिंता की घटनाएं
दक्षिण कश्मीर में हाल के दिनों में आतंकी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। पिछले कुछ समय के दौरान सुरक्षाबलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे हमले स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से काम करने आने वाले मजदूरों के मन में भी भय पैदा करते हैं। आतंकवादी संगठन क्षेत्र में सामान्य स्थिति को प्रभावित करने और विकास कार्यों को बाधित करने के उद्देश्य से ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्कता बढ़ा रही हैं।
पहलगाम हमले के बाद फिर बढ़ी चिंता
इस घटना ने पिछले वर्ष हुए पहलगाम आतंकी हमले की यादें भी ताजा कर दी हैं। उस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। अब कुलगाम में हुई इस घटना के बाद एक बार फिर घाटी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है। कई नेताओं ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल ने जताया दुख
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोनों मजदूरों की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की और आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों को उनके अपराध की कठोर सजा मिलेगी।
मुख्य बिंदु
- कुलगाम के केल्लाम क्षेत्र में आतंकियों ने दो मजदूरों की हत्या की।
- दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के निवासी थे।
- कथित रूप से पहचान पूछने के बाद हमला किया गया।
- सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
- पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की निंदा की।
- गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर चिंता बढ़ी।