कुलगाम हमले पर महबूबा मुफ्ती भड़कीं!
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने इस हमले को अमानवीय बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
दि राइजिंग न्यूज़ | कुलगाम | 01 अगस्त 2026
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हमले को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि निर्दोष मजदूरों को निशाना बनाना अत्यंत क्रूर और अमानवीय कृत्य है। उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।
कुलगाम में आतंकी हमले से दहला जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की जान चली गई, जबकि कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद घाटी सहित पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है।बताया जा रहा है कि हमलावरों ने उन मजदूरों को निशाना बनाया जो अपने परिवारों के भरण-पोषण के लिए घर से दूर रहकर मेहनत-मजदूरी कर रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद के खतरे को लेकर बहस तेज कर दी है।
महबूबा मुफ्ती ने जताया गहरा दुख
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनके पास इस दर्दनाक घटना की निंदा करने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष और निहत्थे लोगों की हत्या किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं की जा सकती।महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जो लोग अपने परिवार की आजीविका के लिए दूर-दराज क्षेत्रों में काम करने जाते हैं, उन्हें आतंक का निशाना बनाना मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय अमरनाथ यात्रा चल रही है, उस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जाते हैं। हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं और व्यापक निगरानी व्यवस्था लागू रहती है। इसके बावजूद आतंकियों का हमला कर देना सुरक्षा तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। आम नागरिकों को सुरक्षा जांच और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है, लेकिन यदि इतनी कड़ी व्यवस्था के बावजूद आतंकवादी हमला करने में सफल हो जाते हैं तो इसकी गहन समीक्षा की जानी चाहिए। यह केवल एक घटना नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर बड़ा सवाल है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग
महबूबा मुफ्ती ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि केवल घटना की निंदा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि यह पता लगाना जरूरी है कि सुरक्षा में चूक कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। दोषियों और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करना भी उतना ही आवश्यक है जितना आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करना।
आम नागरिकों को निशाना न बनाने की अपील
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि घाटी के आम नागरिक भी आतंकवादी घटनाओं से उतने ही दुखी और परेशान हैं जितना देश का कोई अन्य नागरिक। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार जांच और कार्रवाई के नाम पर निर्दोष लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को वास्तविक दोषियों तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। निर्दोष लोगों को परेशान करने से समाज में अविश्वास बढ़ता है और शांति बहाली के प्रयास कमजोर पड़ते हैं।
घाटी में हिंसा समाप्त करने पर दिया जोर
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर लंबे समय से हिंसा और अस्थिरता का सामना कर रहा है। इस हिंसा की सबसे बड़ी कीमत आम नागरिकों को चुकानी पड़ती है, जो केवल शांति और सामान्य जीवन की उम्मीद रखते हैं।उन्होंने कहा कि घाटी के लोग रोजगार, शिक्षा और विकास चाहते हैं, लेकिन लगातार होने वाली आतंकी घटनाएं इन उम्मीदों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए सभी पक्षों को मिलकर हिंसा समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में काम करना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा।
- महबूबा मुफ्ती ने घटना को अमानवीय और क्रूर बताया।
- सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
- स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की।
- निर्दोष नागरिकों को परेशान न करने की अपील।
- घाटी में हिंसा समाप्त करने और शांति बहाल करने पर जोर।