मोदी-मेलोनी की दोस्ती से बदले भारत-इटली रिश्ते, IMEC से AI तक बढ़ी रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बीच बढ़ती नजदीकियों ने भारत-इटली संबंधों को नई दिशा दी है। G20 से लेकर G7 तक हुई मुलाकातों के बाद दोनों देशों के बीच AI, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और IMEC कॉरिडोर पर सहयोग तेजी से बढ़ा है।
दि राइजिंग न्यूज | 20 मई 2026
मोदी-मेलोनी की बढ़ती नजदीकियों से बदले भारत-इटली रिश्ते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच पिछले चार वर्षों में हुई लगातार मुलाकातों ने भारत-इटली संबंधों को नई मजबूती दी है। दोनों नेताओं की बढ़ती केमिस्ट्री अब केवल कूटनीतिक औपचारिकता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा और वैश्विक राजनीति तक दिखाई देने लगा है।
मई 2026 में पीएम मोदी के रोम दौरे को इसी रणनीतिक साझेदारी का बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इटली पहुंचने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत और इटली के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।
बाली G20 से शुरू हुई नई साझेदारी
भारत और इटली के रिश्तों में नया मोड़ नवंबर 2022 में इंडोनेशिया के बाली में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान देखने को मिला। इसी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की पहली अहम मुलाकात हुई थी।
उस समय मेलोनी हाल ही में इटली की प्रधानमंत्री बनी थीं और उन्होंने भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को प्राथमिकता देने के संकेत दिए थे। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच लगातार संवाद बढ़ता गया।
G20 और G7 बैठकों में बढ़ी नजदीकियां
सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G20 सम्मेलन में जॉर्जिया मेलोनी भारत आईं। इस दौरान भारत और इटली के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
इसके बाद जून 2024 में इटली में आयोजित G7 सम्मेलन में पीएम मोदी और मेलोनी की फिर मुलाकात हुई। इस बैठक ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया।
AI, स्पेस टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस
भारत और इटली अब पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर भविष्य की तकनीकों पर साझेदारी मजबूत कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- स्पेस टेक्नोलॉजी
- क्रिटिकल मिनरल्स
- ग्रीन एनर्जी
- सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन
जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप में इटली भारत का एक मजबूत रणनीतिक साझेदार बनकर उभर रहा है।
IMEC कॉरिडोर में इटली की बड़ी भूमिका
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर (IMEC) को लेकर भी भारत और इटली के बीच सहयोग तेजी से बढ़ा है। यह कॉरिडोर भारत को यूरोप से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण आर्थिक परियोजना माना जा रहा है।
इटली की भागीदारी से इस प्रोजेक्ट को यूरोप में रणनीतिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इससे व्यापार, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा सेक्टर में बड़ा बदलाव आ सकता है।
वैश्विक राजनीति में भारत-इटली की नई धुरी
रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन की बढ़ती चुनौती और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे वैश्विक मुद्दों के बीच भारत और इटली के रिश्ते नई दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और वैश्विक स्थिरता के मुद्दों पर एक-दूसरे के करीब आए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मोदी और मेलोनी की व्यक्तिगत समझ ने भी दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।