दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 15 जून 2026
ओमान तट के पास बड़ा हादसा टला
ओमान के तट के पास समुद्र में एक बड़ा समुद्री हादसा टल गया, जब भारतीय क्रू वाला एमएसवी विराट-1 जहाज इंजन फेल होने के बाद संकट में फंस गया। स्थिति गंभीर होने पर जहाज को छोड़ना पड़ा, लेकिन समय रहते चलाए गए बचाव अभियान में सभी 14 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
इंजन फेल होने से बढ़ी मुश्किल
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार भारतीय ध्वज वाला पारंपरिक मालवाहक जहाज एमएसवी विराट-1 ओमान के रास अल हद्द से लगभग 80 समुद्री मील दूर समुद्र में मौजूद था। इंजन खराब होने के बाद जहाज नियंत्रण से बाहर हो गया और धीरे-धीरे डूबने की स्थिति में पहुंच गया।
भारतीय और अमेरिकी एजेंसियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना के जहाजों को तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना किया गया। इस बीच अमेरिकी नौसेना के पी-8 समुद्री निगरानी विमान ने मौके पर पहुंचकर लाइफ राफ्ट गिराई और बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभी 14 भारतीय सुरक्षित
जहाज पर सवार सभी 14 भारतीय क्रू सदस्य समय रहते लाइफ राफ्ट में पहुंच गए। इसके बाद पास से गुजर रहे एमवी जबल अली 9 जहाज ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया और क्रू की स्थिति की लगातार निगरानी की। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार सभी भारतीय सुरक्षित हैं।
दूतावास ने जारी की जानकारी
भारतीय दूतावास ने बताया कि ओमान के अधिकारियों और आसपास मौजूद जहाजों के सहयोग से समन्वित बचाव अभियान चलाया गया। सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकालने का अभियान सफल रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी समुद्री चिंताएं
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं पहले से बढ़ी हुई हैं। हाल के दिनों में ओमान तट के आसपास कई जहाजों से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं। पिछले सप्ताह भारतीय क्रू वाले तीन जहाज भी हमलों की चपेट में आए थे, जिनमें तीन नाविकों की मौत हो गई थी।
एक भारतीय नागरिक की मौत
इसी दौरान एक अलग मामले में भारतीय नागरिक निशांत उर्थननाथन के निधन की जानकारी भी सामने आई है। भारतीय दूतावास के अनुसार उनकी मृत्यु चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण हुई। उनका पार्थिव शरीर फिलहाल डुक्म बंदरगाह में मौजूद एमटी सेलेशियल जहाज पर रखा गया है।
पार्थिव शरीर भारत लाने की तैयारी
दूतावास ने बताया कि शिप मैनेजमेंट कंपनी और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। निशांत उर्थननाथन के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।