रूस के राष्ट्रपति ने भारत को बताया आईटी क्षेत्र का वैश्विक नेता, कहा- ब्रिक्स ने जी-7 को पीछे छोड़ा
सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत को आईटी क्षेत्र का वैश्विक नेता बताते हुए उसकी डिजिटल क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों ने आर्थिक आकार और विकास दर के मामले में जी-7 को पीछे छोड़ दिया है तथा भविष्य में ग्लोबल साउथ विश्व अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।
दि राइजिंग न्यूज़। मॉस्को। 06 जून 2026
भारत की तारीफ में बोले पुतिन
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) के दौरान भारत की जमकर सराहना करते हुए उसे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र का वैश्विक नेता बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक सॉफ्टवेयर बाजार में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में उसकी भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। फोरम में आयोजित विशेष सत्र के दौरान पुतिन ने कहा कि लंबे समय तक पश्चिमी देशों को तकनीकी विकास का मुख्य केंद्र माना जाता था, लेकिन अब वैश्विक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में ब्रिक्स देशों ने हाई-टेक निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है और वर्तमान में वैश्विक आपूर्ति का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा इन देशों के पास है।
भारत को बताया डिजिटल शक्ति
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने सूचना प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर विकास और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल बुनियादी ढांचा उसे दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर रहा है। पुतिन ने यह भी बताया कि रूस भी डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स, वित्तीय सेवाओं, शहरी सुविधाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। रूस के कई डिजिटल समाधान अब दुनिया के अनेक देशों में उपयोग किए जा रहे हैं।
ब्रिक्स ने जी-7 को पीछे छोड़ा
फोरम के दौरान पुतिन ने कहा कि आर्थिक आकार और विकास दर के मामले में ब्रिक्स समूह बहुत पहले ही जी-7 देशों को पीछे छोड़ चुका है और आने वाले वर्षों में यह अंतर और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास का केंद्र अब धीरे-धीरे ग्लोबल साउथ की ओर स्थानांतरित हो रहा है। भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के नेतृत्व वाला ब्रिक्स समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। पुतिन के अनुसार, विभिन्न आर्थिक अनुमानों के आधार पर जी-7 देशों की अर्थव्यवस्थाएं लगभग 1.1 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना रखती हैं, जबकि ब्रिक्स देशों की वार्षिक विकास दर करीब 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में बढ़ोतरी
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच वार्षिक व्यापार अब एक खरब डॉलर से अधिक हो चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में ब्रिक्स विश्व अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है और भविष्य में इसकी भूमिका और प्रभाव बढ़ने की संभावना है।
ट्रंप की आलोचना के बीच पुतिन का बयान
पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ब्रिक्स समूह की आलोचना करते रहे हैं। ट्रंप ने पहले ब्रिक्स को अमेरिकी डॉलर के लिए खतरा बताया था और सदस्य देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी थी। ब्रिक्स समूह में शुरुआत में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। बाद में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात भी इसमें शामिल हो गए।
बदल रही है वैश्विक व्यवस्था
पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था अधिक संतुलित एवं निष्पक्ष दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नए आर्थिक केंद्र और उभरती शक्तियां अब वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे देश जो बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम हैं, उनके लिए यह दौर बड़े अवसर लेकर आया है।
यूरोप पर भी साधा निशाना
रूसी राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों और यूरोपीय नेतृत्व की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय अभिजात वर्ग की नीतियों ने वैश्विक स्तर पर अस्थिरता को बढ़ावा दिया है। पुतिन ने कहा कि यूरोपीय नौकरशाही द्वारा अपनाई जा रही कई नीतियां दूरदर्शिता की कमी दर्शाती हैं। उनके अनुसार, आक्रामक बयानबाजी और गलत नीतियां न केवल यूरोप की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर रही हैं, बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं।
भारतीय मीडिया के लिए खास अवसर
इस विशेष सत्र का संचालन इंडिया टुडे ग्रुप की ग्रुप एडिटर (विदेश मामले) गीता मोहन ने किया। यह भारतीय मीडिया के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही क्योंकि इस वैश्विक मंच पर भारत के प्रतिनिधित्व का अवसर मिला।