हथियारबंद निहंगों के कब्जे से बढ़ा तनाव
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित नागरासू गुरुद्वारे में निहंग यात्रियों द्वारा कथित कब्जे के बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। सेवादारों से मारपीट, एक भक्त को बंधक बनाने और बढ़ते विवाद के बीच प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
दि राइजिंग न्यूज़ | रुद्रप्रयाग | 22 जून 2026
गुरुद्वारे में कब्जे के बाद बढ़ा विवाद
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित नागरासू गुरुद्वारे को लेकर विवाद गहरा गया है। कुछ निहंग तीर्थयात्रियों द्वारा गुरुद्वारे पर कथित कब्जा किए जाने के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और शांति बहाली के प्रयास जारी हैं।
भक्त को बंधक बनाने का आरोप
मामले में आरोप लगाया गया है कि निहंग यात्रियों ने एक श्रद्धालु को बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तत्काल कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
सेवादारों से मारपीट के आरोप
गुरुद्वारा प्रबंधन के अनुसार विवाद के दौरान कुछ निहंग गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए और परिसर पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया। इस दौरान सेवादारों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जांच की जा रही है।
सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, प्रशासन और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की टीमें मौके पर तैनात की गई हैं। संवेदनशील माहौल को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल भी बुलाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अफवाह रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद
प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए रुद्रप्रयाग और श्रीनगर क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें फैलने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
कर्णप्रयाग में लागू हुई धारा 163
कर्णप्रयाग में एक समुदाय द्वारा प्रदर्शन के आह्वान के बाद प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश 27 जून तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
उत्तराखंड सरकार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि गढ़वाल क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक को जांच सौंपी गई है। साथ ही अतिरिक्त महानिदेशक कानून-व्यवस्था से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना को धार्मिक या सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सभी पक्षों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।
पहले भी हुआ था विवाद
गौरतलब है कि 16 जून को हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ निहंग तीर्थयात्रियों और कर्णप्रयाग के स्थानीय लोगों के बीच वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद हुआ था। यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। बाद में इस मामले में पंजाब के मोहाली जिले के चार तीर्थयात्रियों को गिरफ्तार किया गया था।
प्रशासन की निगरानी जारी
फिलहाल नागरासू गुरुद्वारे और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।