नीतीश कुमार ने MLC पद से दिया इस्तीफा, CM बने रहेंगे या नहीं? बिहार की राजनीति में हलचल
नीतीश कुमार ने MLC पद से दिया इस्तीफा, CM बने रहेंगे या नहीं? बिहार की राजनीति में हलचल
पटना: बिहार की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है, जिससे राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।
दरअसल, नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद और राज्य की विधान परिषद या विधानसभा का सदस्य नहीं रह सकता। ऐसे में उन्हें तय समयसीमा के भीतर अपनी MLC सदस्यता छोड़नी थी। इसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने 30 मार्च 2026 को इस्तीफा दे दिया।
नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या वे मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे या जल्द ही कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति विधायक या विधान परिषद का सदस्य नहीं होता है, तो वह अधिकतम छह महीने तक ही मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है। ऐसे में आने वाले समय में उन्हें इस मुद्दे पर निर्णय लेना होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े राजनीतिक संकेत भी छिपे हो सकते हैं। राज्यसभा में जाने के बाद नीतीश कुमार की भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में भी बढ़ सकती है।
इसी बीच, बिहार में सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावित नए मुख्यमंत्री को लेकर विभिन्न नाम सामने आने लगे हैं और एनडीए के भीतर भी हलचल बढ़ गई है। भाजपा और जदयू के बीच आगे की रणनीति को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।
नीतीश कुमार का यह फैसला उनके लंबे राजनीतिक करियर का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। वे उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा—चारों सदनों में सदस्य के रूप में कार्य किया है।
फिलहाल, बिहार की राजनीति में नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे या राज्य को नया नेतृत्व मिलेगा। यह फैसला न सिर्फ राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।