क्या आपका भी एसबीआई में खाता है? कर्मचारियों की हड़ताल से 4 दिन तक प्रभावित हो सकती हैं बैंकिंग सेवाएं
भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने 25 और 26 मई 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों की मांगों में वेतन असमानता, स्थायी भर्ती, आउटसोर्सिंग का विरोध और पेंशन सुधार शामिल हैं। हालांकि डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन शाखा आधारित सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 6 मई 2016 ।
एसबीआई कर्मचारियों ने हड़ताल का किया ऐलान
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों ने 25 और 26 मई 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। यह हड़ताल ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया फेडरेशन द्वारा लंबित मांगों को लेकर बुलाई गई है। इसके चलते देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। चूंकि इसके पहले दो दिन साप्ताहिक अवकाश हैं, इसलिए कुल चार दिनों तक असर देखने को मिल सकता है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं
कर्मचारी संगठन का कहना है कि वेतन असमानता और भत्तों में भेदभाव मुख्य मुद्दा है। अधिकारियों को अतिरिक्त लाभ दिए जाने के कारण क्लर्क और अन्य कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है। इसके अलावा स्थायी पदों पर आउटसोर्सिंग का विरोध भी प्रमुख मांगों में शामिल है। संगठन ने बैंक में नियमित भर्ती की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया है।
पेंशन और स्थानांतरण नीति पर भी विवाद
कर्मचारी पेंशन प्रणाली में बदलाव और विकल्प की स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नई पेंशन व्यवस्था में कर्मचारियों को अधिक अधिकार मिलना चाहिए। साथ ही 2019 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को स्थानांतरण का अवसर देने की भी मांग की गई है। इन मुद्दों को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी हड़ताल
रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले भी वर्ष 2026 में एसबीआई कर्मचारियों ने सात दिनों की लंबी हड़ताल की थी। उस समय पेंशन से जुड़े नियमों में आंशिक बदलाव किए गए थे। हड़ताल के बाद कुछ मांगों को स्वीकार किया गया था, लेकिन कई मुद्दे अभी भी लंबित हैं। यही कारण है कि कर्मचारी फिर से आंदोलन की राह पर हैं।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर
हड़ताल के दौरान शाखाओं में नकद जमा, निकासी और चेक क्लियरिंग जैसे काम प्रभावित हो सकते हैं। बैंक काउंटर से जुड़ी सेवाओं में देरी की संभावना है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सामान्य रूप से चालू रहेंगी। इससे ग्राहकों को आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।
एसबीआई कर्मचारियों की हड़ताल से बैंकिंग व्यवस्था पर अस्थायी असर पड़ सकता है। हालांकि डिजिटल सेवाओं के चलते पूरी तरह से कामकाज ठप होने की संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता से समाधान की उम्मीद की जा रही है।