सरकार से वार्ता के प्रस्ताव को सीजेपी ने ठुकराया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी सीजेपी के आंदोलन के बीच संगठन ने सरकार के वार्ता प्रस्ताव को अस्वीकार करते हुए तटस्थ स्थान पर बातचीत की मांग की है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने हिंसा करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन ने शुक्रवार को देशव्यापी आंदोलन करने का भी ऐलान किया है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा सीजेपी का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी है। संगठन ने सरकार की ओर से दिए गए वार्ता के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। संगठन का कहना है कि बातचीत किसी मंत्री के आवास पर नहीं बल्कि किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए ताकि वार्ता निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके। आंदोलनकारी अपने प्रमुख मांगों पर अडिग हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।इसी बीच अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ाने की घोषणा कर दी है। इससे आंदोलन को और अधिक बल मिलने की संभावना जताई जा रही है। आंदोलनकारी इसे जनहित और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा विषय बताते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। देश के विभिन्न राज्यों से भी प्रदर्शन के समर्थन में आवाजें उठने लगी हैं।
तटस्थ स्थान पर ही वार्ता करने की मांग
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो बातचीत किसी निष्पक्ष स्थान पर आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने जंतर-मंतर अथवा संविधान क्लब जैसे स्थानों का सुझाव देते हुए कहा कि संगठन वहां वार्ता के लिए तैयार है। उनका कहना है कि अभी तक सरकार की ओर से औपचारिक रूप से कोई स्पष्ट संदेश प्राप्त नहीं हुआ है और सीधे संवाद स्थापित किया जाना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि वार्ता केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसमें समय, स्थान और चर्चा के विषय स्पष्ट होने चाहिए। संगठन का दावा है कि जब तक इन बातों पर सहमति नहीं बनती, तब तक किसी भी प्रकार की बैठक का कोई अर्थ नहीं होगा। आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट दिखाई दे रहे हैं।
जवाबदेही तय किए बिना समाधान संभव नहीं
संगठन के नेताओं का कहना है कि केवल घोषणाएं करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका आरोप है कि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांगों में संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग भी शामिल है और इस विषय पर समझौते की कोई संभावना नहीं है।आंदोलनकारी मानते हैं कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कठोर प्रशासनिक निर्णय आवश्यक हैं। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित पक्षों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होती, तब तक जनता का विश्वास बहाल नहीं हो सकेगा। इसी कारण संगठन अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
दिल्ली पुलिस ने शुरू की कठोर कार्रवाई की तैयारी
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन की आड़ में हिंसा और उपद्रव फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने वालों के साथ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।सूत्रों के अनुसार जिन लोगों की भूमिका हिंसा में सामने आएगी, उनके विरुद्ध उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उनके यात्रा संबंधी दस्तावेजों के विरुद्ध भी नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कल देशभर में आंदोलन की तैयारी
सीजेपी ने घोषणा की है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो शुक्रवार को देशव्यापी आंदोलन आयोजित किया जाएगा। संगठन का दावा है कि विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में लोग इस अभियान में शामिल होंगे। इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर तैयारी भी शुरू कर दी गई है।राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
मुख्य बिंदु
- सरकार के वार्ता प्रस्ताव को सीजेपी ने अस्वीकार किया।
- जंतर-मंतर या संविधान क्लब में बातचीत की मांग।
- सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल अनिश्चितकाल तक बढ़ाई।
- दिल्ली पुलिस ने हिंसा करने वालों पर कठोर कार्रवाई की तैयारी शुरू की।
- सीजेपी ने शुक्रवार को देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया।