अमेरिका-ईरान संबंधों में नरमी के संकेत

अमेरिका ने ईरान को 60 दिनों के लिए तेल निर्यात पर अस्थायी राहत देने की घोषणा की है। बदले में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित जहाजरानी और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षण को अनुमति देने पर सहमति जताई है।

अमेरिका-ईरान संबंधों में नरमी के संकेत

दि राइजिंग न्यूज़ | वॉशिंगटन | 23 जून 2026

अमेरिका ने दी तेल निर्यात में अस्थायी राहत

अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता के बीच दोनों देशों के संबंधों में नरमी के संकेत दिखाई दिए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने ईरानी तेल निर्यात पर 60 दिनों की अस्थायी छूट देने की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत 21 अगस्त 2026 तक ईरान को कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी गई है।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी जनरल लाइसेंस के अनुसार ईरान अपने तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री तथा डिलीवरी जारी रख सकेगा। इसके अलावा कुछ निर्धारित शर्तों के तहत अमेरिका में इन उत्पादों के आयात की भी अनुमति दी गई है।

होर्मुज और परमाणु निरीक्षण पर बनी सहमति

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षकों को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े निरीक्षणों के लिए देश में प्रवेश की अनुमति देने का भी आश्वासन दिया है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि स्विट्जरलैंड में हुई सकारात्मक वार्ता के परिणामस्वरूप यह प्रगति संभव हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष विश्वास बहाली और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

स्विट्जरलैंड में जारी है शांति वार्ता

अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच 21 जून को स्विट्जरलैंड में वार्ता का पहला दौर संपन्न हुआ। बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव कम करना, युद्ध की आशंकाओं को समाप्त करना, प्रतिबंधों में राहत देना और ईरान की जमी हुई वित्तीय संपत्तियों को लेकर समाधान तलाशना है।दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन में कुल 14 प्रमुख मुद्दों को शामिल किया गया है। इन्हीं विषयों पर चरणबद्ध तरीके से सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

व्यापार और सेवाओं को भी मिली राहत

अस्थायी लाइसेंस के तहत केवल तेल निर्यात ही नहीं बल्कि उससे जुड़ी कई अन्य सेवाओं को भी सीमित राहत प्रदान की गई है। इसमें बैंकिंग लेनदेन, बीमा सेवाएं, परिवहन और डिलीवरी से जुड़े कार्य शामिल हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की संभावना है और तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कुछ हद तक कम हो सकती है।

कुछ देशों पर प्रतिबंध जारी

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह छूट उत्तर कोरिया और क्यूबा से जुड़े किसी भी लेनदेन पर लागू नहीं होगी। ये दोनों देश अब भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में बने हुए हैं और उनके संबंध में मौजूदा नीतियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

स्थायी समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

 ईरानी तेल निर्यात पर अस्थायी राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही को लेकर बनी सहमति दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि स्थायी शांति समझौते तक पहुंचने के लिए अभी कई जटिल मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।फिलहाल दोनों देशों के बीच जारी वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार, पश्चिम एशिया की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर व्यापक रूप से पड़ सकता है।