भारत - तालिबान रिश्तों की नई शुरुआत, जयशंकर और मुत्ताकी के बीच पहली आधिकारिक वार्ता

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 16 मई 2025। भारत और अफगानिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और तालिबान सरकार के कार्यवाहक विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्ताकी के बीच पहली बार आधिकारिक बातचीत हुई। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की सार्वजनिक तौर पर कड़ी निंदा की है।

भारत - तालिबान रिश्तों की नई शुरुआत, जयशंकर और मुत्ताकी के बीच पहली आधिकारिक वार्ता

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 16 मई 2025।

भारत और अफगानिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और तालिबान सरकार के कार्यवाहक विदेश मंत्री मौलवी अमीर खान मुत्ताकी के बीच पहली बार आधिकारिक बातचीत हुई। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की सार्वजनिक तौर पर कड़ी निंदा की है।

इस आतंकी हमले में 7 मई को 26 लोगों की जान गई थी, और इसमें पाक समर्थित आतंकी संगठनों की संलिप्तता पाई गई थी। मुत्ताकी द्वारा इस हमले की स्पष्ट निंदा के बाद भारत ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है और संवाद के लिए एक मंच तैयार किया है।

बातचीत में जयशंकर ने अफगानिस्तान की जनता के साथ भारत की पारंपरिक मित्रता और विकास सहयोग को दोहराया और बताया कि भारत अफगानिस्तान के लोगों की शांति, स्थायित्व और तरक्की में भागीदार रहेगा।

बातचीत के बाद डॉ. जयशंकर ने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा:

“कार्यवाहक अफगान विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी से अच्छी बातचीत हुई। पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने के लिए उनका आभार। अफगान जनता के साथ हमारी पारंपरिक मित्रता और विकास की प्रतिबद्धता को दोहराया। आगे सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।”

भारत ने अब तक तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन यह संवाद संकेत देता है कि दोनों पक्ष यथार्थवादी कूटनीति की ओर बढ़ रहे हैं, खासकर आतंकवाद विरोधी रुख और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर।