विमान हादसाः मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ का मुआवजा, 242 यात्रियों में एक सकुशल
दि राइजिंग न्यूज। अहमदाबाद। 12 जून, 2025 । अहमदाबाद में गुरुवार को हुए भयावह विमान हादसे के बाद टाटा समूह ने मानवीयता की मिसाल पेश की है। हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों को समूह की ओर से 1-1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च टाटा ग्रुप उठाएगा। इतना ही नहीं, बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास निर्माण में सहयोग देने का भी ऐलान किया गया है।
दि राइजिंग न्यूज। अहमदाबाद। 12 जून, 2025 ।
अहमदाबाद में गुरुवार को हुए भयावह विमान हादसे के बाद टाटा समूह ने मानवीयता की मिसाल पेश की है। हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों को समूह की ओर से 1-1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च टाटा ग्रुप उठाएगा। इतना ही नहीं, बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास निर्माण में सहयोग देने का भी ऐलान किया गया है।
टाटा संस अध्यक्ष ने जताया गहरा शोक
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर बयान जारी करते हुए लिखा:
"एयर इंडिया फ्लाइट 171 की दुखद दुर्घटना से हम बेहद शोकग्रस्त हैं। इस त्रासदी में जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और जो घायल हुए हैं, उनके प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं।"
मुआवजे का आधिकारिक ऐलान
टाटा समूह ने बयान में स्पष्ट किया:
"इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को ₹1 करोड़ की सहायता राशि दी जाएगी। घायल यात्रियों का इलाज टाटा समूह की जिम्मेदारी होगी और उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। साथ ही हम बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास निर्माण में भी सहायता करेंगे। इस कठिन समय में हम पीड़ित परिवारों और पूरे समुदाय के साथ खड़े हैं।"
हादसे में सिर्फ एक व्यक्ति बचा
इस विमान हादसे में केवल एक यात्री, रमेश विश्वास कुमार, जीवित बचे हैं। वे सीट नंबर 11A पर बैठे थे और अपने भाई के साथ लंदन जा रहे थे। फिलहाल रमेश को अहमदाबाद सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
विमान में कौन-कौन सवार था?
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कुल सवार लोग: 242
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यात्री: 230
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चालक दल: 12 (2 पायलट + 10 क्रू मेंबर)
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राष्ट्रीयताएँ:
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भारतीय: 169
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ब्रिटिश: 53
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पुर्तगाली: 7
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कनाडाई: 1
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राहत-बचाव कार्य जारी
फिलहाल, राहत और बचाव अभियान जारी है और मलबे से शवों को निकालने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। हादसे के कारणों की जांच भी शुरू हो चुकी है।