अभिजीत दीपके पर विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, प्रदर्शन से पहले सरकार ने दी सफाई

दिल्ली में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके को लेकर उठे सवालों पर विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की ओर से निर्वासन या वीजा दुरुपयोग से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी भारत को नहीं मिली है।

अभिजीत दीपके पर विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, प्रदर्शन से पहले सरकार ने दी सफाई

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 6 जून 2026

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत लौट सकते हैं और जंतर-मंतर पर आयोजित होने वाले प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। इसी बीच विदेश मंत्रालय से इस मामले पर सवाल पूछा गया, जिसके बाद सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अभिजीत दीपके के कथित निर्वासन अथवा वीजा के दुरुपयोग से संबंधित किसी भी प्रकार की आधिकारिक सूचना अमेरिका की ओर से भारत को नहीं दी गई है। मंत्रालय के इस बयान के बाद कई तरह की अटकलों पर विराम लग गया है। सरकार ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस विषय में कोई पुष्टि नहीं की जा सकती।

विदेश मंत्रालय ने दी स्थिति स्पष्ट

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से नियमित संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस मामले पर सवाल पूछा गया। उनसे जानना चाहा गया कि क्या अमेरिकी प्रशासन ने अभिजीत दीपके के संबंध में भारत सरकार को कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराई है। यह सवाल हाल के दिनों में फैल रही चर्चाओं और दावों के मद्देनजर पूछा गया था।प्रवक्ता ने जवाब देते हुए कहा कि मंत्रालय के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भारतीय नागरिक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण मामला होता है तो वह स्थापित राजनयिक प्रक्रियाओं के माध्यम से साझा किया जाता है। फिलहाल अभिजीत दीपके को लेकर ऐसा कोई आधिकारिक संचार प्राप्त नहीं हुआ है।

अमेरिका से लौटे भारतीय नागरिकों के आंकड़े भी आए सामने

विदेश मंत्रालय ने इस दौरान अमेरिका से लौटाए गए भारतीय नागरिकों के आंकड़े भी साझा किए। मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 1076 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया है। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में कम बताई गई है, जब पूरे वर्ष में 3567 भारतीय नागरिकों की वापसी दर्ज की गई थी।सरकार का कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच लोगों की आवाजाही तथा प्रवासन से जुड़े विषयों पर लगातार संवाद जारी है। दोनों देशों का उद्देश्य अवैध प्रवासन पर रोक लगाना और वैध यात्रा, शिक्षा तथा रोजगार से जुड़े अवसरों को सुरक्षित बनाए रखना है। इसी दिशा में कई स्तरों पर बातचीत चल रही है।

बड़े विरोध-प्रदर्शन की तैयारी

दिल्ली में आज प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर तैयारियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। आयोजनकर्ताओं का दावा है कि यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। छात्रों, अभिभावकों और युवाओं से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की गई है।आयोजनकर्ताओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी शिकायतों के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। इस मुद्दे को लेकर सामाजिक माध्यमों पर भी व्यापक चर्चा देखी जा रही है।

अनुमति को लेकर बना हुआ है संशय

दिल्ली पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए अब तक कोई औपचारिक अनुमति आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। प्रशासन ने कहा है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है। अनुमति मिलने के बाद ही आयोजन से संबंधित अंतिम निर्णय लिया जाता है।हालांकि आयोजनकर्ताओं की ओर से संकेत दिए गए हैं कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां भी की जा रही हैं।

शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा

प्रदर्शन से पहले आयोजनकर्ताओं ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के तहत अपनी बात रखने का माध्यम है। किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था से दूरी बनाए रखने की बात कही गई है।आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों को सरकार और समाज के सामने प्रभावी ढंग से रखना है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण और जिम्मेदार तरीके से भागीदारी करने की अपील की है ताकि आंदोलन का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंच सके।

कौन हैं अभिजीत दीपके

अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के निवासी बताए जाते हैं और उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त की है। उच्च शिक्षा के लिए वे विदेश गए, जहां उन्होंने जनसंपर्क विषय में अध्ययन पूरा किया। पिछले कुछ समय से वे विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।सामाजिक माध्यमों पर सक्रियता के कारण उनकी पहचान तेजी से बढ़ी है। युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर उनकी टिप्पणियों और अभियानों को व्यापक प्रतिक्रिया मिली है। इसी वजह से उनके नाम को लेकर चल रही चर्चाओं ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बढ़ी चर्चा

विदेश मंत्रालय के बयान के बाद भी अभिजीत दीपके और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दे लंबे समय से युवाओं के बीच महत्वपूर्ण विषय बने हुए हैं। ऐसे में किसी भी बड़े आंदोलन या विरोध कार्यक्रम पर लोगों की नजर स्वाभाविक रूप से बनी रहती है।आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शन में कितनी भागीदारी होती है और इससे जुड़े मुद्दों पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। फिलहाल विदेश मंत्रालय ने अभिजीत दीपके के कथित निर्वासन संबंधी दावों से अनभिज्ञता जताते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है।