सोना-चांदी हुआ सस्ता, कीमतों में बड़ी गिरावट; जानिए क्यों टूटे दाम
देशभर के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोना प्रति 10 ग्राम 1600 से 1850 रुपये तक सस्ता हुआ है, जबकि चांदी के दाम में भी हजारों रुपये की कमी आई है। अमेरिकी रोजगार आंकड़ों, मजबूत डॉलर और मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 6 जून 2026
देशभर के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम करीब 1600 से 1850 रुपये तक की कमी देखने को मिली, जबकि चांदी भी हजारों रुपये सस्ती हुई। कीमतों में आई इस नरमी से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिली है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है।
सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के दाम में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पिछले कारोबारी सत्र में सोना भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों का ध्यान इस ओर गया। लगातार बढ़ती कीमतों के बाद आई यह गिरावट बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। व्यापारियों के अनुसार मांग और वैश्विक संकेतों के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।सोने की कीमतों में कमी का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुख माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसके चलते सोने की मांग में कुछ कमी आई। इसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दिया और कीमतें नीचे आ गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी भी हो सकती है।
चांदी की चमक भी पड़ी फीकी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में चांदी के भाव प्रति किलोग्राम कई हजार रुपये तक नीचे आ गए हैं। औद्योगिक मांग और निवेश दोनों क्षेत्रों में बदलाव का असर चांदी के दाम पर दिखाई दिया है। इससे थोक और खुदरा दोनों बाजारों में कीमतों में नरमी बनी हुई है।चांदी की कीमतों में आई गिरावट का असर ज्वेलरी कारोबार और निवेश बाजार दोनों पर देखा जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में दबाव जारी रहता है तो चांदी के दाम में आगे भी कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि मांग बढ़ने पर कीमतें दोबारा संभल भी सकती हैं।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1 लाख 55 हजार 870 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि 22 कैरेट सोना 1 लाख 42 हजार 890 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना करीब 1 लाख 55 हजार 720 रुपये प्रति 10 ग्राम तथा 22 कैरेट सोना 1 लाख 42 हजार 740 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।वहीं चेन्नई में सोने की कीमत अन्य महानगरों की तुलना में अधिक रही। यहां 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1 लाख 57 हजार 950 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव 1 लाख 44 हजार 290 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। विभिन्न शहरों में स्थानीय करों और मांग के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला।
चांदी के ताजा दाम
देश में चांदी की खुदरा कीमत लगभग 2 लाख 74 हजार 900 रुपये से 2 लाख 79 हजार 900 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है। दिल्ली में एक किलोग्राम चांदी की कीमत करीब 2 लाख 79 हजार 900 रुपये दर्ज की गई। वहीं मुंबई और कोलकाता में चांदी का भाव लगभग 2 लाख 75 हजार रुपये प्रति किलोग्राम रहा।चेन्नई में चांदी की कीमत देश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में अधिक रही। यहां एक किलोग्राम चांदी का भाव करीब 2 लाख 80 हजार रुपये तक पहुंच गया। बाजार जानकारों का कहना है कि स्थानीय मांग और आपूर्ति के कारण अलग-अलग शहरों में दाम में अंतर बना रहता है।
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का पड़ा असर
अमेरिका से जारी हुए मजबूत रोजगार आंकड़ों ने वैश्विक बाजार की दिशा बदल दी है। मई महीने में अनुमान से अधिक नई नौकरियां जुड़ने से यह संकेत मिला कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत स्थिति में है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और उन्होंने सुरक्षित निवेश विकल्पों से कुछ धन निकालना शुरू किया।रोजगार के मजबूत आंकड़ों के बाद यह संभावना भी बढ़ गई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक जल्द ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। ऊंची ब्याज दरों की आशंका के कारण सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश साधनों पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली देखने को मिली।
मजबूत हुआ डॉलर, बढ़ा दबाव
अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने का असर भी कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और चांदी विदेशी निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत महंगे हो जाते हैं। इससे उनकी मांग में कमी आती है और कीमतों पर दबाव बनता है।वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती के चलते निवेशकों ने कीमती धातुओं में निवेश कम किया। इसका असर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में डॉलर की चाल कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों से भी नरमी
मध्य पूर्व क्षेत्र से आ रही संघर्ष विराम की खबरों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। इजरायल और लेबनान के बीच तनाव कम होने की संभावना से निवेशकों में घबराहट घटी है। जब वैश्विक तनाव कम होता है तो सुरक्षित निवेश साधनों की मांग भी कम हो जाती है।सोना और चांदी परंपरागत रूप से संकट के समय सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। लेकिन जब भू-राजनीतिक हालात सामान्य होने लगते हैं तो निवेशक अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसी कारण हाल के दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बढ़ा और बाजार में गिरावट देखने को मिली।
आगे क्या रह सकता है रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय संकेतों, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी। यदि डॉलर मजबूत बना रहता है और ब्याज दरों में कटौती की संभावना कमजोर रहती है तो कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है।हालांकि त्योहारों और विवाह सीजन के दौरान मांग बढ़ने पर कीमतों को सहारा मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।