फर्जी हस्ताक्षर मामले में फिर सीआईडी के सामने पेश हुए अभिषेक

पश्चिम बंगाल में विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी एक बार फिर सीआईडी मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे मामले को लेकर विस्तृत पूछताछ की गई। जांच एजेंसी ने कुछ दस्तावेज भी मांगे हैं।

फर्जी हस्ताक्षर मामले में फिर सीआईडी के सामने पेश हुए अभिषेक

दि राइजिंग न्यूज़ | कोलकाता | 15 जून 2026

फर्जी हस्ताक्षर मामले में जांच हुई तेज

पश्चिम बंगाल में विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले को लेकर जांच एजेंसियों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी रविवार को एक बार फिर राज्य सीआईडी मुख्यालय पहुंचे। यहां जांच अधिकारियों ने उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की। यह मामला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से जुड़े एक पत्र में कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों के इस्तेमाल के आरोपों से संबंधित है। जांच एजेंसी इस पूरे प्रकरण की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया

सीआईडी सूत्रों के अनुसार अभिषेक बनर्जी से पहले भी इस मामले में पूछताछ की जा चुकी है। हालांकि जांच अधिकारियों का मानना है कि पिछली पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के जवाब स्पष्ट नहीं मिल पाए थे। इसी कारण उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए तलब किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान मिले नए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर कई अतिरिक्त सवाल तैयार किए गए थे, जिनके संबंध में अभिषेक बनर्जी से स्पष्टीकरण लिया गया।

कुणाल घोष को भी भेजा गया नोटिस

मामले में तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जांच एजेंसी दोनों नेताओं के बयानों का मिलान कर रही है। सूत्रों के मुताबिक आवश्यकता पड़ने पर दोनों नेताओं को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जा सकती है ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियां स्पष्ट हो सकती हैं।

महत्वपूर्ण दस्तावेजों की मांग

सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से कुछ आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार दस्तावेजों की जांच के बाद यह तय करने में मदद मिलेगी कि विवादित पत्र तैयार करने और उसे विधानसभा सचिवालय तक पहुंचाने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही। जांच एजेंसी दस्तावेजी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर पूरे मामले की क्रमवार जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला

यह विवाद विधानसभा सचिवालय को सौंपे गए एक पत्र से जुड़ा हुआ है। उस पत्र में वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय के समर्थन का उल्लेख किया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पत्र पर मौजूद कुछ हस्ताक्षर वास्तविक नहीं हैं। विशेष रूप से तृणमूल कांग्रेस विधायक नयना बनर्जी के हस्ताक्षरों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि विधायक पद की शपथ के दौरान किए गए हस्ताक्षर और विवादित पत्र पर मौजूद हस्ताक्षरों में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

मामले की जांच के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इस मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

जांच जारी

फिलहाल सीआईडी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बयान, दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित फर्जी हस्ताक्षरों के पीछे कौन जिम्मेदार है और क्या किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है तथा आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं।