दिल्ली में सेप्टिक टैंक हादसा, तीन की मौत

दिल्ली के मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में सेप्टिक टैंक में उतरे तीन लोगों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर दिल्ली फायर सर्विस ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन तीनों को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है।

दिल्ली में सेप्टिक टैंक हादसा, तीन की मौत

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 27 जून 2026

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार एक फैक्ट्री परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आने से तीनों लोगों का दम घुट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तत्काल बचाव दल को सूचना दी गई।दिल्ली फायर सर्विस और अन्य राहत एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन तीनों को बाहर निकालने तक उनकी मौत हो चुकी थी।

एक के बाद एक टैंक में उतरे

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब एक व्यक्ति किसी कारणवश सेप्टिक टैंक के भीतर उतरा। टैंक में मौजूद जहरीली गैस के कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो लोग भी टैंक के अंदर गए, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आ गए।कुछ ही देर में तीनों लोग टैंक के भीतर बेहोश हो गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

मृतकों की हुई पहचान

पुलिस और प्रशासन ने मृतकों की पहचान अरुण (38 वर्ष), संदीप (32 वर्ष) और चांद (42 वर्ष) के रूप में की है।हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रशासन ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फायर सर्विस को दोपहर में मिली सूचना

दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों के अनुसार दोपहर 12 बजकर 3 मिनट पर आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई। कॉल में बताया गया कि मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में कुछ लोग फंस गए हैं।सूचना मिलते ही दो दमकल वाहन और बचाव दल मौके के लिए रवाना किए गए।

ट्रैफिक जाम बना चुनौती

राहत और बचाव कार्य के दौरान ट्रैफिक जाम भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया। फायर सर्विस के अनुसार रास्ते में भारी जाम होने के कारण पहली टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई हुई।दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर बचाव दल ने ट्रैफिक बाधा की जानकारी दी। इसके बाद तेजी से राहत पहुंचाने के लिए टिकरी मार्ग से एक अतिरिक्त वाहन और टीम को भेजा गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में निकाले गए शव

फायर सर्विस कर्मियों ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से सेप्टिक टैंक के भीतर प्रवेश किया और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।कड़ी मशक्कत के बाद तीनों लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन चिकित्सकीय जांच में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि टैंक के भीतर जहरीली गैस की मात्रा अधिक होने की आशंका है, जिससे दम घुटने की घटना हुई।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में सेप्टिक टैंक और सीवर सफाई से जुड़े सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे बंद स्थानों में उतरने से पहले गैस की जांच, ऑक्सीजन स्तर की निगरानी और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य होना चाहिए। कई बार लापरवाही या पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ऐसे हादसे जानलेवा साबित होते हैं।

जांच शुरू

घटना के बाद स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि टैंक में उतरने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। तीन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।