100 प्रतिशत इथेनॉल को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल यानी E100 फ्यूल के उपयोग को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले महीनों में कई ऑटोमोबाइल कंपनियां फ्लेक्स फ्यूल वाहन लॉन्च करेंगी, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को भी फायदा मिलेगा।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 15 जून 2026
भारत ने वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए 100 प्रतिशत इथेनॉल फ्यूल यानी E100 के उपयोग को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की कि अब फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाले वाहनों में शुद्ध इथेनॉल का उपयोग कानूनी रूप से किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आवश्यक फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं और इसके साथ ही देश में E100 आधारित परिवहन व्यवस्था का रास्ता साफ हो गया है।
इथेनॉल मिश्रण में पहले ही हासिल हुई बड़ी सफलता
सरकार पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल कर चुकी है। सरकार का दावा है कि इस पहल से देश को कच्चे तेल के आयात पर होने वाले खर्च में बड़ी राहत मिली है और अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब सरकार 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित ईंधन प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
गडकरी बोले सपना अब हकीकत बन रहा
नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले जब इथेनॉल आधारित परिवहन की बात की जाती थी तो लोग इसका मजाक उड़ाते थे। कई स्तरों पर इस योजना के खिलाफ नकारात्मक अभियान भी चलाए गए लेकिन आज यह सपना वास्तविकता में बदलता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इथेनॉल इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वाहन कंपनियां ला रही हैं फ्लेक्स फ्यूल मॉडल
देश की कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां अब फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के उत्पादन पर काम कर रही हैं। हाल ही में मारुति सुजुकी ने अपनी लोकप्रिय वैगनआर का फ्लेक्स फ्यूल संस्करण प्रस्तुत किया था। इसके अलावा हीरो मोटोकॉर्प भी स्प्लेंडर और एचएफ डिलक्स जैसी मोटरसाइकिलों के फ्लेक्स फ्यूल मॉडल पेश कर चुकी है।
अगले दो महीनों में आएंगे नए वाहन
नितिन गडकरी ने जानकारी दी कि अगले दो महीनों के भीतर कई नई फ्लेक्स फ्यूल कारें और दोपहिया वाहन बाजार में लॉन्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि टोयोटा सुजुकी एमजी और हुंडई जैसी कंपनियां भी जल्द ही इथेनॉल आधारित वाहन भारतीय बाजार में उतार सकती हैं।
देशभर में बढ़ाया जाएगा इथेनॉल पंप नेटवर्क
सरकार ने इथेनॉल मिशन को सफल बनाने के लिए देशभर में विशेष ईंधन स्टेशनों का नेटवर्क विकसित करना भी शुरू कर दिया है। वर्तमान में कई बड़े शहरों में इथेनॉल पंप संचालित हो रहे हैं और वर्ष 2027 तक देशभर में ऐसे पंपों की संख्या बढ़ाकर पांच हजार करने का लक्ष्य रखा गया है।
तेल आयात पर निर्भरता होगी कम
भारत हर वर्ष अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। इससे देश की विदेशी मुद्रा पर बड़ा दबाव पड़ता है। सरकार का मानना है कि इथेनॉल को व्यापक स्तर पर अपनाने से तेल आयात में उल्लेखनीय कमी आएगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
इथेनॉल उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना और कृषि आधारित कच्चे माल से किया जाता है। ऐसे में इसके बढ़ते उपयोग से किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इथेनॉल उद्योग के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि E100 फ्यूल को मंजूरी मिलना भारत के परिवहन और ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी बल्कि देश को स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा।