फीफा का नया नियम बना मुसीबत, बहस के दौरान मुंह ढकने पर मिला रेड कार्ड

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक नए नियम के तहत पराग्वे के खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन को रेड कार्ड मिल गया। विवाद के दौरान मुंह ढककर बात करने को रेफरी ने नियम का उल्लंघन माना। इस घटना के बाद नया ‘माउथ-कवरिंग रूल’ फुटबॉल जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

फीफा का नया नियम बना मुसीबत, बहस के दौरान मुंह ढकने पर मिला रेड कार्ड

दि राइजिंग न्यूज़ | सांता क्लारा | 21 जून 2026

सांता क्लारा में वर्ल्ड कप के दौरान बड़ा विवाद

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रशंसकों को चौंका दिया है। पराग्वे के स्टार मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन को फीफा के नए “माउथ-कवरिंग” नियम के तहत रेड कार्ड दिखा दिया गया। यह घटना 20 जून को तुर्की के खिलाफ खेले गए मुकाबले में हुई।यह मैच सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेला जा रहा था और पहले हाफ के आखिरी मिनटों में माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।


कैसे शुरू हुआ विवाद

मैच के दौरान पराग्वे के फॉरवर्ड इसिद्रो पिटा पर फाउल हुआ, जिसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मैदान पर तनाव बढ़ गया और खिलाड़ी आमने-सामने आ गए।इसी दौरान मिगुएल अल्मिरोन तुर्की के डिफेंडर मेर्ट मुल्डुर से बातचीत करते हुए नजर आए। इसी बातचीत के दौरान कैमरों में यह देखा गया कि अल्मिरोन अपने हाथ से मुंह ढककर कुछ कह रहे थे।


वीडियो असिस्टेंट रेफरी जांच के बाद बड़ा फैसला

तुर्की के खिलाड़ी मेर्ट मुल्डुर ने इस बात की शिकायत तुरंत मैच अधिकारियों से की। इसके बाद वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) ने मामले की जांच शुरू की।पिचसाइड मॉनिटर पर वीडियो देखने के बाद रेफरी इवान बार्टन ने बिना किसी हिचकिचाहट के मिगुएल अल्मिरोन को सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इस फैसले से खिलाड़ी, टीम और दर्शक सभी हैरान रह गए।


मैच पर पड़ा असर

उस समय पराग्वे की टीम 1-0 से आगे चल रही थी। लेकिन रेड कार्ड के बाद टीम को बाकी मुकाबला 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।इसके बावजूद पराग्वे की टीम ने यह मैच 1-0 से जीत लिया, लेकिन यह घटना पूरे मुकाबले का सबसे बड़ा विवाद बन गई।


फीफा का नया “माउथ-कवरिंग” नियम क्या है

खिलाड़ियों के व्यवहार पर सख्ती

फीफा ने 2026 वर्ल्ड कप से पहले यह नया नियम लागू किया है, जिसका उद्देश्य खिलाड़ियों के व्यवहार पर सख्ती बढ़ाना है।इस नियम के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी विवाद, बहस या टकराव के दौरान अपने हाथ, बाजू या जर्सी से मुंह ढककर विरोधी खिलाड़ी से बात करता है, तो इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।


रेड कार्ड का प्रावधान

इस नियम के तहत रेफरी को अधिकार दिया गया है कि वह ऐसे व्यवहार पर सीधे रेड कार्ड दिखा सकता है।फीफा का मानना है कि कई बार खिलाड़ी मुंह ढककर अपमानजनक या नस्लीय टिप्पणी करते हैं, जिसे कैमरों या मैच अधिकारियों के लिए साबित करना मुश्किल हो जाता है।


नियम का उद्देश्य

इस नियम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ी किसी भी तरह की आपत्तिजनक भाषा या टिप्पणी को छिपा न सकें।मुंह ढकने से जांच प्रक्रिया प्रभावित होती है, इसलिए इसे संदिग्ध व्यवहार की श्रेणी में रखा गया है।


नियम की शुरुआत कैसे हुई

यूईएफए चैंपियंस लीग का विवाद

इस नियम की पृष्ठभूमि में एक बड़ा विवाद शामिल है। इस साल यूईएफए चैंपियंस लीग में बेनफिका के युवा खिलाड़ी जियानलुका प्रेस्टियानी पर आरोप लगा था कि उन्होंने रियल मैड्रिड के स्टार विनीसियस जूनियर से बहस के दौरान मुंह ढककर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।


जांच में नहीं मिला स्पष्ट सबूत

उस मामले में अधिकारियों के पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे कि वास्तव में क्या कहा गया था। इसी वजह से विवाद का निष्कर्ष नहीं निकल सका।


आईएफएबी ने बनाया नया नियम

इसी कमी को दूर करने के लिए फुटबॉल के नियम बनाने वाली संस्था आईएफएबी ने यह नया नियम तैयार किया, जिसे बाद में फीफा ने लागू किया।


फुटबॉल परंपरा पर असर

फुटबॉल में लंबे समय से खिलाड़ी और कोच रणनीतिक बातचीत के दौरान मुंह ढककर बात करते रहे हैं ताकि उनकी रणनीति कैमरों से छिपी रहे।हालांकि अब यह स्पष्ट किया गया है कि सामान्य बातचीत या टीम के साथियों के बीच संवाद पर यह नियम लागू नहीं होगा।


नियम को लेकर बहस जारी

फुटबॉल जगत में इस नए नियम को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ विशेषज्ञ इसे खेल में पारदर्शिता और अनुशासन के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे खिलाड़ियों की स्वाभाविक अभिव्यक्ति पर रोक मान रहे हैं।फिलहाल यह नियम वर्ल्ड कप 2026 में एक नए विवाद का कारण बन गया है।