कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की मदद से इटली भेजी गई पहली खेप

उत्तराखंड की देहरादून लीची ने यूरोपीय बाजार में ऐतिहासिक एंट्री कर ली है। एपीडा की मदद से पहली बार एक मीट्रिक टन ताजा लीची इटली निर्यात की गई। इस कदम से राज्य के किसानों को बेहतर दाम मिलने और भारतीय फलों की वैश्विक पहचान मजबूत होने की उम्मीद है।

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की मदद से इटली भेजी गई पहली खेप

दि राइजिंग न्यूज़ | देहरादून | 21 जून 2026


उत्तराखंड की लीची ने यूरोप में बनाई पहचान

उत्तराखंड की प्रसिद्ध देहरादून लीची ने अब यूरोपीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की मदद से 18 जून 2026 को देहरादून से पहली बार ताजा लीची की खेप इटली भेजी गई। इस खेप में लगभग एक मीट्रिक टन लीची शामिल थी। यह उपलब्धि उत्तराखंड के बागवानी क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे भारतीय ताजे फलों की वैश्विक पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है।


किसानों को बेहतर दाम और बढ़ते निर्यात के अवसर

इस निर्यात पहल से राज्य के किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त हो रहा है। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि उन्हें गुणवत्ता आधारित उत्पादन और निर्यात उन्मुख बागवानी अपनाने के लिए भी प्रेरणा मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन को भी नई दिशा देगा।


गुणवत्ता और साझेदारी से खुला वैश्विक बाजार

देहरादून की लीची अपनी प्राकृतिक मिठास, सुगंध, आकर्षक लाल रंग और बेहतर गूदे के कारण पहले से ही प्रसिद्ध है। अब यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना रही है। इस निर्यात प्रक्रिया में एपीडा के साथ उत्तराखंड सरकार, निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन और लॉजिस्टिक्स भागीदारों ने मिलकर काम किया।यह साझेदारी दर्शाती है कि मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और बेहतर समन्वय के जरिए भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया जा सकता है। एपीडा आने वाले समय में भी निर्यात क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुधार और बाजार विस्तार पर लगातार काम करता रहेगा।