बांग्लादेश में फिर बढ़ा तनाव: गूंजे 'जय श्री राम' के नारे

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हजारों हिंदू सड़कों पर उतर आए और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। यह विरोध भगवान राम की मूर्ति निर्माण रोकने और कथित अपमान की घटना के बाद शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की मांग की है, जिससे देश में तनाव बढ़ गया है।

बांग्लादेश में फिर बढ़ा तनाव: गूंजे 'जय श्री राम' के नारे

दि राइजिंग न्यूज़ | ढाका | 21 जून 2026


ढाका में हजारों हिंदुओं का बड़ा प्रदर्शन और ‘जय श्री राम’ के नारे

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को हजारों की संख्या में हिंदू समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे गूंजते रहे और लोगों ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। यह प्रदर्शन उस घटना के बाद भड़का जिसमें रंगपुर में भगवान राम की प्रस्तावित 81 फीट ऊंची मूर्ति के निर्माण कार्य को रोक दिया गया और कथित रूप से धार्मिक अपमान की घटना सामने आई।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी में निर्माणाधीन इस विशाल मूर्ति का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था, लेकिन इस्लामी संगठनों की धमकियों के बाद काम रोक दिया गया। समिति का दावा है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं, यहां तक कि एक कट्टरपंथी उपदेशक ने मूर्ति को बुलडोजर से गिराने की धमकी भी दी।


रंगपुर में निर्माण रोकने और कथित अपमान से भड़का विवाद

यह पूरा विवाद तब और बढ़ गया जब उत्तर बांग्लादेश के रंगपुर क्षेत्र में भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक प्रदर्शन के दौरान इस्लामी भीड़ ने तस्वीर पर जूता रखकर अपमान किया, जिसके बाद हिंदू समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया।इस घटना के बाद मंदिर समिति ‘श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति’ ने काम रोक दिया और कहा कि यह निर्णय “सामाजिक सद्भाव बनाए रखने” के लिए लिया गया है। समिति के अध्यक्ष हरिदास चंद्र दास ने कहा कि धमकियों के कारण काम रोकना पड़ा और वे डरे हुए हैं।


ढाका में प्रदर्शन, मार्च और सरकार को अल्टीमेटम

ढाका में प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग चौराहे से लेकर नेशनल प्रेस क्लब तक विशाल मार्च निकाला। इसके बाद कई संगठनों ने मानव श्रृंखला बनाकर विरोध दर्ज कराया। ‘हिंदू महाजोट’ नामक संगठन ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।प्रदर्शनकारियों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने मांग की है कि घटना में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। चेतावनी दी गई है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।


पुलिस कार्रवाई, झड़प और राजनीतिक आरोप

रंगपुर में पुलिस द्वारा प्रदर्शन रोकने की कोशिश के दौरान मामूली झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन इस पूरे मामले में कार्रवाई करने में विफल रहे हैं। उन्होंने खासतौर पर तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया।सरकार की ओर से धार्मिक मामलों के मंत्रालय को ज्ञापन सौंपा गया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।


64 जिलों में राम मंदिर बनाने की चेतावनी और आगे की रणनीति

हिंदू महाजोट ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि पलाशबाड़ी में रुके हुए मूर्ति निर्माण को फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं दी गई, तो बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में एक-एक करके राम मंदिर बनाए जाएंगे। संगठन ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में रैलियां और विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।25 जून को एक बड़ी बैठक की भी तैयारी की जा रही है, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी।


धार्मिक तनाव और अल्पसंख्यकों की बढ़ती चिंता

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय देश की कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत है। हाल के महीनों में सांप्रदायिक घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी से मार्च के बीच 133 सांप्रदायिक घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है। सरकार लगातार शांति और धार्मिक स्वतंत्रता की बात कर रही है, लेकिन जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।