एक साल निष्क्रिय वॉलेट पर शुल्क
डिजिटल भुगतान मंच फोनपे ने अपने वॉलेट नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार यदि कोई उपयोगकर्ता 365 दिनों तक फोनपे वॉलेट का इस्तेमाल नहीं करता है तो उस पर 100 रुपये तक की इनएक्टिविटी मेंटेनेंस फीस लगाई जा सकती है। कंपनी शुल्क काटने से पहले उपयोगकर्ताओं को सूचना भी देगी।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 20 जून 2026
फोनपे ने बदले वॉलेट के नियम
देश के प्रमुख डिजिटल भुगतान मंचों में शामिल फोनपे ने अपने वॉलेट उपयोगकर्ताओं के लिए नए नियम लागू करने की घोषणा की है। कंपनी की ओर से जारी अद्यतन वॉलेट गाइडलाइंस के अनुसार लंबे समय तक वॉलेट का उपयोग नहीं करने वाले ग्राहकों से इनएक्टिविटी मेंटेनेंस फीस वसूली जाएगी। इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में उपयोगकर्ताओं के बीच चर्चा शुरू हो गई है।
एक साल तक इस्तेमाल नहीं करने पर लगेगा शुल्क
नई गाइडलाइंस के मुताबिक यदि कोई उपयोगकर्ता लगातार 365 दिनों तक अपने फोनपे वॉलेट से कोई लेनदेन नहीं करता है तो उसका वॉलेट निष्क्रिय श्रेणी में माना जाएगा। ऐसी स्थिति में कंपनी 100 रुपये तक की इनएक्टिविटी मेंटेनेंस फीस वसूल सकती है।कंपनी ने स्पष्ट किया है कि केवल फोनपे ऐप खोलना या बैंक खाते से यूपीआई भुगतान करना वॉलेट गतिविधि नहीं माना जाएगा। उपयोगकर्ता को फोनपे वॉलेट के माध्यम से कम से कम एक लेनदेन करना होगा ताकि उसका वॉलेट सक्रिय बना रहे।
यूपीआई भुगतान करने वालों पर क्या होगा असर
भारत में बड़ी संख्या में लोग फोनपे का उपयोग सीधे बैंक खाते से यूपीआई भुगतान करने के लिए करते हैं। ऐसे कई उपयोगकर्ता फोनपे वॉलेट को सक्रिय रूप से इस्तेमाल नहीं करते। नए नियम के बाद ऐसे ग्राहकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी क्योंकि केवल यूपीआई भुगतान करने से वॉलेट सक्रिय नहीं माना जाएगा।जिन ग्राहकों के वॉलेट में राशि पड़ी रहती है और जो लंबे समय तक उसका उपयोग नहीं करते, उन्हें समय-समय पर वॉलेट के जरिए लेनदेन करना चाहिए।
शुल्क काटने से पहले मिलेगा अलर्ट
फोनपे ने बताया है कि शुल्क लगाने से पहले उपयोगकर्ताओं को 15 दिन पहले सूचना भेजी जाएगी। इस दौरान ग्राहक अपने वॉलेट का उपयोग कर उसे फिर से सक्रिय बना सकते हैं।यदि निर्धारित समय तक कोई गतिविधि नहीं होती और वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस मौजूद है तो कंपनी 100 रुपये की फीस काट लेगी।
कम बैलेंस होने पर क्या होगा
यदि किसी उपयोगकर्ता के वॉलेट में 100 रुपये से कम राशि मौजूद है तो कंपनी उपलब्ध पूरी राशि काट सकती है। हालांकि वॉलेट बैलेंस को शून्य से नीचे नहीं ले जाया जाएगा। यानी किसी भी स्थिति में वॉलेट का बैलेंस नकारात्मक नहीं होगा।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
नए नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि वे केवल यूपीआई भुगतान के लिए फोनपे का इस्तेमाल करते हैं और वॉलेट का उपयोग नहीं करते। ऐसे में निष्क्रिय वॉलेट पर शुल्क लगाना उचित नहीं है।कई उपयोगकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया है कि जिस सुविधा का वे इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उसके लिए अतिरिक्त शुल्क लेना ग्राहकों पर अनावश्यक बोझ डाल सकता है।
ग्राहकों के लिए क्या है सलाह
जिन लोगों ने फोनपे वॉलेट में राशि रखी हुई है, उन्हें अपने वॉलेट की स्थिति की नियमित जांच करनी चाहिए। साल भर तक वॉलेट को निष्क्रिय न रहने देना ही शुल्क से बचने का सबसे आसान तरीका होगा।फोनपे के इस नए कदम से डिजिटल भुगतान क्षेत्र में वॉलेट सेवाओं के संचालन और रखरखाव लागत को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि उपयोगकर्ता इस बदलाव को किस तरह स्वीकार करते हैं और अन्य भुगतान मंच इस दिशा में क्या कदम उठाते हैं।