आईबीएस समस्या में सॉल्युबल फाइबर फायदेमंद, जानिए कैसे सुधारता है पाचन तंत्र और क्या कहते हैं विशेषज्ञ

आईबीएस यानी इरिटेबल बाउल सिंड्रोम में सॉल्युबल फाइबर को काफी फायदेमंद माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह पेट फूलना, कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। सही डाइट और फाइबर के सेवन से पाचन तंत्र को बेहतर बनाया जा सकता है।

आईबीएस समस्या में सॉल्युबल फाइबर फायदेमंद, जानिए कैसे सुधारता है पाचन तंत्र और क्या कहते हैं विशेषज्ञ

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 27 अप्रैल 2026 ।


आईबीएस क्या है और क्यों बढ़ रही है यह समस्या

आईबीएस यानी इरिटेबल बाउल सिंड्रोम आजकल एक आम पाचन समस्या बनती जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार यह कोई एक बीमारी नहीं बल्कि कई लक्षणों का समूह है। इसमें पेट फूलना, कब्ज, दस्त और पेट दर्द जैसी परेशानियां शामिल होती हैं। खराब खानपान और गलत जीवनशैली इसकी बड़ी वजह मानी जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती दिनचर्या और जंक फूड के अधिक सेवन से यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। तनाव और नींद की कमी भी इसे और गंभीर बना देती है। इसलिए समय रहते सही आहार अपनाना बहुत जरूरी है।


सॉल्युबल फाइबर क्यों है आईबीएस में फायदेमंद

विशेषज्ञों के अनुसार सॉल्युबल फाइबर आईबीएस के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। यह पानी को सोखकर जेल जैसा पदार्थ बनाता है, जिससे पाचन प्रक्रिया संतुलित रहती है। इससे कब्ज और दस्त दोनों में राहत मिल सकती है।

यह फाइबर आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। धीरे-धीरे यह पेट फूलने और गैस की समस्या को भी कम करता है। इसलिए इसे आईबीएस मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है।


किन चीजों से मिलता है सॉल्युबल फाइबर

सॉल्युबल फाइबर प्राकृतिक रूप से कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। ओट्स, सेब, बीन्स, चिया सीड्स, अलसी के बीज और इसबगोल इसके अच्छे स्रोत हैं। इनका नियमित सेवन पाचन सुधारने में मदद करता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन चीजों को रोजमर्रा की डाइट में धीरे-धीरे शामिल करना चाहिए। इससे शरीर को इन्हें अपनाने में आसानी होती है। अचानक अधिक मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए।


हर तरह का फाइबर नहीं होता समान रूप से फायदेमंद

डॉक्टरों के अनुसार फाइबर दो प्रकार का होता है—सॉल्युबल और इनसॉल्युबल। सॉल्युबल फाइबर पानी में घुल जाता है और पाचन को संतुलित करता है। वहीं इनसॉल्युबल फाइबर पाचन गति को बढ़ाता है।

कुछ लोगों में इनसॉल्युबल फाइबर आईबीएस के लक्षण बढ़ा सकता है। खासकर जब इसे अचानक अधिक मात्रा में लिया जाए। इसलिए फाइबर का सही प्रकार और मात्रा चुनना जरूरी है।


डाइट में बदलाव कैसे करें

आईबीएस से राहत के लिए डाइट में धीरे-धीरे बदलाव करना जरूरी है। शुरुआत में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना चाहिए। फाइबर की मात्रा को एकदम से नहीं बढ़ाना चाहिए।

पानी पर्याप्त मात्रा में पीना और तले-भुने भोजन से बचना भी जरूरी है। नियमित समय पर खाना खाने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है। इससे लक्षणों में धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है।


आईबीएस एक आम लेकिन परेशान करने वाली पाचन समस्या है, जिसे सही खानपान से नियंत्रित किया जा सकता है। सॉल्युबल फाइबर इस समस्या में काफी राहत दे सकता है। हालांकि इसे सही मात्रा और सही तरीके से लेना जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। समय पर सावधानी बरतना ही सबसे अच्छा उपाय है।