मैं 1984 से चुनाव लड़ रही हूं, लेकिन इस बार…”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में मतदान के दौरान राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव का माहौल पहले से अधिक दबावपूर्ण और असामान्य है। वहीं विपक्ष ने भी राज्य सरकार पर पलटवार किया है। भवानीपुर सीट इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में बनी हुई है।

मैं 1984 से चुनाव लड़ रही हूं, लेकिन इस बार…”

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 29 अप्रैल 2026 ।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में मतदान के दौरान राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदान के बीच केंद्र सरकार और केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में पहले से ज्यादा दबाव और हस्तक्षेप देखने को मिल रहा है। मतदान के दौरान कई जगहों पर हल्की झड़प और तनाव की स्थिति भी सामने आई है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि हालात काफी हद तक नियंत्रण में हैं।

1984 से चुनाव लड़ रही हूं, लेकिन इस बार अलग माहौल

भवानीपुर में मतदान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह वर्ष 1984 से चुनावी राजनीति में हैं। लेकिन इस बार का चुनाव माहौल पहले से काफी अलग और कठिन है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार यह स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने इसे अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण चुनाव बताया।


केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों को सीमाओं की सुरक्षा के लिए लगाया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें राजनीतिक भूमिका में इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सख्ती की जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। साथ ही कई स्थानों पर एजेंटों को बाहर करने का भी आरोप लगाया गया है।


मतदान के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

दूसरे चरण के मतदान में कई जिलों से तनाव और विवाद की खबरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर मतदाता केंद्रों के बाहर नारेबाजी और हल्की झड़प की स्थिति बनी। हालांकि बड़े पैमाने पर कोई गंभीर हिंसा दर्ज नहीं की गई है। सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा गया है। चुनाव आयोग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।


शुभेंदु अधिकारी और राजनीतिक बयानबाजी

वहीं विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्रीय बलों की भूमिका को सही ठहराते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित बनाया जा रहा है। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। दोनों पक्षों के बयानों से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। भवानीपुर क्षेत्र इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है।


भवानीपुर बना हाई-प्रोफाइल मुकाबला

भवानीपुर सीट इस बार चुनाव का केंद्र बिंदु बनी हुई है। यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्षी दलों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। मतदान के दौरान दोनों पक्षों के कार्यकर्ता सक्रिय नजर आए। राजनीतिक रूप से यह सीट राज्य की सबसे महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जा रही है। पूरे देश की नजर इस सीट के नतीजों पर टिकी हुई है।

मतदान केंद्रों पर सुरक्षा कड़ी

पश्चिम बंगाल में मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। संवेदनशील और विवादित माने जाने वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। हर मतदान केंद्र पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि अधिकतर क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है और स्थिति नियंत्रण में है।


चुनाव आयोग की सख्त नजर

चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में मतदान प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी है। हर छोटी और बड़ी घटना की रिपोर्ट तुरंत मंगाई जा रही है ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। संवेदनशील बूथों पर विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है जो सीधे हालात पर नजर रख रहे हैं। आयोग का उद्देश्य है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे। अधिकारियों के अनुसार किसी भी तरह की शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है।


जनता में बढ़ा उत्साह

तनाव और राजनीतिक बयानबाजी के बावजूद मतदाताओं में मतदान को लेकर भारी उत्साह देखा गया है। कई मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। युवा मतदाता और पहली बार वोट डालने वाले नागरिक बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचे। लोगों में अपने अधिकार का उपयोग करने को लेकर जागरूकता भी साफ दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में मतदान प्रतिशत में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण में मतदान के साथ ही राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। वहीं विपक्ष भी लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।