पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने के बाद पटना में नई दरें लागू, रोहिणी आचार्य ने सरकार पर साधा निशाना

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये की बढ़ोतरी के बाद पटना में नई दरें लागू हो गई हैं। पेट्रोल 108.67 रुपये और डीजल 94.65 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इस बढ़ोतरी पर रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार पर महंगाई को लेकर तीखा हमला किया है।

पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने के बाद पटना में नई दरें लागू, रोहिणी आचार्य ने सरकार पर साधा निशाना

दि राइजिंग न्यूज डेस्क |  15 मई 2026

पेट्रोल और डीजल महंगा होने से आम लोगों की बढ़ी परेशानी

देशभर में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम जनता को एक और बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक वृद्धि होने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। नई दरों के लागू होने के बाद अब लोगों को प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल के लिए पहले से अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। राजधानी पटना में पेट्रोल की कीमत बढ़कर १०८ रुपये ६७ पैसे प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल की नई कीमत ९४ रुपये ६५ पैसे प्रति लीटर हो गई है। बढ़ी हुई कीमतों का असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ता दिखाई दे रहा है।

परिवहन से लेकर रोजमर्रा की चीजों तक पड़ सकता है असर

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका प्रभाव हर क्षेत्र पर पड़ता है। पेट्रोल और डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ जाती है, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी ऊपर जाने लगते हैं। सब्जियां, फल, दूध और अन्य आवश्यक सामानों की कीमतों में भी वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसका असर बाजार और घरेलू बजट दोनों पर साफ दिखाई दे सकता है।

राजधानी पटना में नई दरों ने बढ़ाई लोगों की चिंता

पटना में नई ईंधन दरें लागू होने के बाद वाहन चालकों और मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच चिंता का माहौल देखा जा रहा है। रोज काम पर जाने वाले लोगों और छोटे व्यापारियों को अब हर महीने अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। कई लोगों का कहना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन कीमतों में यह वृद्धि उनके घरेलू खर्च को और मुश्किल बना देगी। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।

ईंधन मूल्य वृद्धि पर तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं और महंगाई को बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। राजनीतिक नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। इसी बीच कई नेताओं ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल तीन रुपये की वृद्धि का नहीं बल्कि लगातार बढ़ती महंगाई का है। उनका कहना है कि आम जनता की कमाई का बड़ा हिस्सा अब ईंधन और जरूरी वस्तुओं पर खर्च हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है।

रोज कमाने खाने वालों पर सबसे ज्यादा असर

रोहिणी आचार्य ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने का सबसे ज्यादा असर रोज कमाने और खाने वाले लोगों पर पड़ता है। रिक्शा चालक, मजदूर, छोटे दुकानदार और नौकरीपेशा लोग बढ़ती महंगाई से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि जब ईंधन महंगा होता है तो हर चीज की लागत बढ़ जाती है और इसका बोझ अंततः आम जनता को ही उठाना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से लगातार यही स्थिति बनी हुई है।

जनता की जेब खाली होने का लगाया आरोप

रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में कहा कि बीते वर्षों में महंगाई लगातार बढ़ती रही है और आम लोगों की बचत खत्म होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है जबकि आम जनता लगातार आर्थिक दबाव झेल रही है। उनका कहना है कि लोगों की आय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई लेकिन खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कारण मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।

सामाजिक माध्यम पर साझा किया बयान

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर रोहिणी आचार्य ने सामाजिक माध्यम पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि अब “तेल निकलना” केवल एक कहावत नहीं बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की सच्चाई बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार महंगाई के असली कारण बताने से बच रही है और केवल बयानबाजी कर रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई है।

महंगाई को लेकर बढ़ रही जनता की नाराजगी

लगातार बढ़ती महंगाई के कारण आम लोगों के बीच नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। रसोई गैस, खाद्य पदार्थ और ईंधन जैसी जरूरी चीजों के दाम पहले से ही ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। ऐसे में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि कीमतों में इसी तरह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले समय में घरेलू बजट संभालना और मुश्किल हो सकता है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है सियासत

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है। विपक्षी दल महंगाई को लेकर लगातार सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। वहीं सरकार की ओर से अभी तक कीमतों को लेकर कोई बड़ी राहत की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में जनता की नजर अब इस बात पर टिकी हुई है कि आने वाले समय में ईंधन कीमतों को लेकर क्या फैसला लिया जाता है।