तीन स्वदेशी युद्धपोतों से बढ़ी समुद्री ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में आयोजित समारोह में भारतीय नौसेना को तीन नए स्वदेशी युद्धपोत INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक समर्पित किए। पूरी तरह भारत में निर्मित इन युद्धपोतों के शामिल होने से देश की समुद्री सुरक्षा, निगरानी क्षमता और सामरिक शक्ति को नई मजबूती मिलेगी।

तीन स्वदेशी युद्धपोतों से बढ़ी समुद्री ताकत

दि राइजिंग न्यूज़ | कोलकाता | 22 जून 2026

नौसेना को मिले तीन नए स्वदेशी युद्धपोत

भारतीय नौसेना की ताकत में रविवार को ऐतिहासिक इजाफा हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन नए स्वदेशी युद्धपोत INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक को नौसेना में शामिल किया। कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित भव्य समारोह में इन तीनों जहाजों को औपचारिक रूप से नौसेना को सौंपा गया।ये तीनों युद्धपोत पूरी तरह भारत में निर्मित हैं और इन्हें देश के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। नौसेना के अनुसार ये जहाज समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और एंटी-सबमरीन अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

शांति के लिए शक्ति आवश्यक

त्रिपक्षीय कमीशनिंग समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से समुद्र को सहयोग और संपर्क का माध्यम मानता रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांति की रक्षा के लिए शक्ति का होना आवश्यक है।प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास, सुरक्षा और समृद्धि का समुद्र से गहरा संबंध है। जिस देश के पास मजबूत समुद्री क्षमता होती है, उसका आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव भी अधिक होता है। उन्होंने कहा कि भारत की समुद्री शक्ति को सुदृढ़ करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस पर खास उपलब्धि

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21 जून को विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस भी मनाया जाता है और यह एक विशेष संयोग है कि इसी अवसर पर भारत के सबसे उन्नत हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण पोत INS संशोधक को नौसेना में शामिल किया गया।उन्होंने कहा कि यह जहाज समुद्री सर्वेक्षण, नौवहन सुरक्षा और समुद्री मानचित्रण के क्षेत्र में भारतीय नौसेना की क्षमता को नई ऊंचाई देगा।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिली मजबूती

प्रधानमंत्री ने इन युद्धपोतों के निर्माण को आत्मनिर्भर भारत अभियान की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि INS विक्रांत से लेकर आज तक की यात्रा केवल नए जहाजों के निर्माण की नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की कहानी है।उन्होंने कहा कि INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक इस यात्रा को नई गति प्रदान करेंगे। इनका निर्माण भारतीय शिपयार्डों में हुआ है, जो देश की रक्षा उत्पादन क्षमता का प्रमाण है।

हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की मौजूदगी

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीनों युद्धपोतों के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति और मजबूत होगी। ये जहाज समुद्री सीमाओं की निगरानी, सुरक्षा अभियानों और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।इसके साथ ही भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता और समुद्री चुनौतियों से निपटने की ताकत में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

योग दिवस पर भी दिया संदेश

कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने योग को स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार बताया।प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को उम्र बढ़ने के साथ अधिक लचीला, ऊर्जावान और मजबूत बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देता है तथा व्यक्ति को बीमारियों से लड़ने में अधिक सक्षम बनाता है।