सीबीएसई कक्षा 10 सुधार परीक्षा 2026: 6.69 लाख छात्रों ने फिर से परीक्षा देने के लिए किया पंजीकरण

सीबीएसई ने कक्षा 10 छात्रों को उसी वर्ष सुधार परीक्षा देने का मौका दिया है, जिसके लिए लगभग 6.69 लाख छात्रों ने पंजीकरण किया है। यह परीक्षा मई 2026 में होगी और छात्रों को अधिकतम तीन विषयों में अंक सुधारने का अवसर मिलेगा। विज्ञान और गणित में सबसे ज्यादा आवेदन हुए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का मौका देना है।

सीबीएसई कक्षा 10 सुधार परीक्षा 2026: 6.69 लाख छात्रों ने फिर से परीक्षा देने के लिए किया पंजीकरण

दि राइजिंग न्यूज डेस्क | 27 अप्रैल 2026


सीबीएसई ने पहली बार कक्षा 10 के छात्रों को उसी शैक्षणिक वर्ष में सुधार परीक्षा देने का अवसर दिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार का मौका देना है। इस पहल को छात्रों ने बड़े स्तर पर अपनाया है। बोर्ड के अनुसार लगभग 6.69 लाख छात्रों ने दूसरी परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। यह संख्या मुख्य परीक्षा में शामिल छात्रों का करीब 27 प्रतिशत है।


छात्रों की बड़ी भागीदारी से दिखा सुधार परीक्षा के प्रति रुझान

इस बार बड़ी संख्या में छात्रों ने सुधार परीक्षा में भाग लेने का निर्णय लिया है। आंकड़ों के अनुसार लाखों छात्र अपने अंकों को बेहतर करने के लिए दोबारा परीक्षा देंगे। छात्रों को विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा विषयों में अधिकतम तीन विषय चुनने की सुविधा दी गई है। यह व्यवस्था छात्रों को अपनी कमजोरियों पर काम करने का अवसर देती है। इससे शिक्षा प्रणाली अधिक लचीली और छात्र केंद्रित बन रही है।


विषयवार पंजीकरण में विज्ञान सबसे आगे

विषयों के अनुसार सबसे अधिक पंजीकरण विज्ञान विषय में हुआ है। लगभग 4.74 लाख छात्रों ने विज्ञान की परीक्षा दोबारा देने का निर्णय लिया है। इसके बाद गणित (मानक स्तर) में 3.69 लाख और गणित (आधार स्तर) में 1.79 लाख छात्रों ने आवेदन किया है। सामाजिक विज्ञान में 1.55 लाख और अंग्रेजी विषय में लगभग 98 हजार छात्रों ने पंजीकरण कराया है। यह दर्शाता है कि छात्र मुख्य रूप से गणित और विज्ञान जैसे विषयों में सुधार करना चाहते हैं।


लड़कों की संख्या अधिक, लेकिन लड़कियां भी सक्रिय

पंजीकरण के आंकड़ों में लड़कों की संख्या लड़कियों की तुलना में अधिक रही है। लगभग 3.10 लाख लड़कों ने सुधार परीक्षा के लिए आवेदन किया है। हालांकि बड़ी संख्या में लड़कियां भी इस अवसर का लाभ उठा रही हैं और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हैं। मुख्य परीक्षा में कुल 24.72 लाख छात्र शामिल हुए थे, जिनमें पास प्रतिशत 93.7 प्रतिशत दर्ज किया गया था।


परीक्षा तिथि और मूल्यांकन प्रक्रिया

सीबीएसई द्वारा सुधार परीक्षा का आयोजन 15 मई से 21 मई के बीच किया जाएगा। इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या मुख्य परीक्षा की तुलना में कम रखी जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दोनों परीक्षाओं में से छात्रों के बेहतर अंक को ही अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा। इससे छात्रों को बिना दबाव के बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।


नई शिक्षा नीति के तहत बड़ा बदलाव

यह पूरी व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दबाव को कम करना और छात्रों को सुधार का अवसर प्रदान करना है। पहले छात्रों को खराब प्रदर्शन के बाद अगले वर्ष तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें उसी वर्ष दूसरा अवसर मिल रहा है। यह कदम शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।