बंगाल में नमाज विवाद पर सख्त दिखे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, बोले- एसी में बैठकर तमाशा नहीं देखूंगा

पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पत्थरबाजी और हिंसा पर सख्त चेतावनी दी है। घटना में कई पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के जवान घायल हुए हैं।

बंगाल में नमाज विवाद पर सख्त दिखे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, बोले- एसी में बैठकर तमाशा नहीं देखूंगा

दि राइजिंग न्यूज |  19 मई 2026

नमाज विवाद के बाद बंगाल में गरमाया माहौल

पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर राज्य की राजनीति और प्रशासनिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाए जाने के बाद कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान भीड़ ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का सख्त बयान

घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इस तरह की घटनाएं दोबारा हुईं तो सरकार और अधिक कठोर कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एसी कमरे में बैठकर तमाशा देखने वालों में से नहीं हैं और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।

पत्थरबाजी में घायल हुए पुलिस और केंद्रीय बल के जवान

मुख्यमंत्री ने बताया कि हिंसा और पत्थरबाजी की घटना में छह पुलिसकर्मी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो जवान घायल हो गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अब तक चालीस लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच सीधे पुलिस आयुक्त की निगरानी में कराई जा रही है ताकि किसी भी दोषी को बचने का मौका न मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाना जरूरी है।

कश्मीर का उदाहरण देकर दी चेतावनी

शुभेंदु अधिकारी ने अपने बयान में जम्मू-कश्मीर का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां जिस तरह पत्थरबाजी की घटनाओं पर रोक लगी, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी ऐसी गतिविधियों को खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक नारों की आड़ में हिंसा और पथराव को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बंगाल में अब उपद्रव और अराजकता की राजनीति को खत्म करने का समय आ गया है।

पुलिस बल को खुलकर कार्रवाई करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने पुलिस और केंद्रीय बलों की सराहना करते हुए कहा कि भारी उकसावे के बावजूद उन्होंने संयम बनाए रखा। उन्होंने कहा कि अब वह समय समाप्त हो चुका है जब पुलिसकर्मी घायल होते थे और सरकार मूकदर्शक बनी रहती थी। शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया कि कार्रवाई करते समय यह न देखा जाए कि आरोपी किस पार्टी, धर्म या समुदाय से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई ही राज्य में शांति बनाए रखने का एकमात्र रास्ता है।

राजनीतिक और धार्मिक संगठनों को भी चेतावनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी राजनीतिक या धार्मिक संगठन प्रशासन को सूचना देकर कार्यक्रम आयोजित कर सकता है, लेकिन हिंसा और पथराव की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भीड़ इकट्ठा कर धार्मिक नारेबाजी के नाम पर अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि पश्चिम बंगाल में अब कानून का शासन चलेगा और किसी को भी उपद्रव फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी।

बंगाल की राजनीति में तेज हुई बहस

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। एक ओर सरकार समर्थक इसे कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे धार्मिक मुद्दों को लेकर राजनीतिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दे रहा है। फिलहाल पूरे राज्य की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों पर टिकी हुई है।